रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो पटना
शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त नियम
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार में सरकारी शिक्षकों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) की प्रक्रिया शुरू होते ही कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आने लगी हैं। राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर आवेदन के दौरान तकनीकी परेशानी की शिकायत की है। कई उपयोगकर्ताओं को आवेदन करते समय या पोर्टल खोलने पर 404 Not Found Error दिखाई दे रहा है, जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सरप्लस शिक्षकों की सूची में सामने आ रही त्रुटियों को दूर करने के लिए नया दिशा-निर्देश जारी किया है। विभाग का कहना है कि कई विद्यालयों में विषयवार और वर्गवार डेटा गलत दर्ज होने के कारण आवश्यक शिक्षकों को भी सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया है। इसे सुधारने के लिए विशेष प्रपत्र जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार यदि किसी शिक्षक का विषय, विद्यालय या अन्य विवरण गलत दर्ज है तो संबंधित विद्यालय प्रधान की अनुशंसा के साथ निर्धारित प्रपत्र भरकर स्थापना शाखा में जमा करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न करने होंगे। विद्यालय प्रधान को अपने हस्ताक्षर और मुहर के साथ यह प्रमाणित करना होगा कि प्रस्तुत जानकारी विभागीय मानकों के अनुरूप है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिस्टम से तैयार सरप्लस सूची अंतिम नहीं मानी जाएगी। सही दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े नियम लागू किए हैं। सभी शिक्षकों को आवेदन से पहले निर्धारित शर्तों को पढ़कर स्वीकार करना अनिवार्य होगा। यदि कोई शिक्षक गलत जानकारी, फर्जी प्रमाण-पत्र, भ्रामक दावा या तथ्य छिपाकर आवेदन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा, दिव्यांगता तथा अन्य विशेष श्रेणी के आधार पर किए गए दावों का भी अलग से सत्यापन किया जाएगा। विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी शिक्षक को पसंद का विद्यालय नहीं मिलने की स्थिति में केवल इसी आधार पर शिकायत या अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। स्थानांतरण को अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता। सभी आवेदनों का निपटारा उपलब्ध रिक्तियों, पात्रता और विभागीय नियमों के अनुसार किया जाएगा। बिहार युवा शिक्षक संघ ने सरप्लस शिक्षकों की सूची को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। संघ का कहना है कि कई ऐसे शिक्षकों को भी सरप्लस घोषित कर दिया गया है, जिनका कुछ महीने पहले ही स्थानांतरण हुआ था। वहीं कई विद्यालयों में किसी विषय के केवल एक शिक्षक होने के बावजूद उनका नाम भी सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया है। संघ का आरोप है कि इस तरह की त्रुटियों से शिक्षकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने विभाग से सूची की दोबारा समीक्षा करने और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर संशोधन करने की मांग की है। मॉडल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों ने भी स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया से अलग रखा गया है, जबकि कई शिक्षक स्वैच्छिक स्थानांतरण भी नहीं चाहते। इसके बावजूद उनका नाम सरप्लस सूची में शामिल होने से अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज अपनी सभी जानकारियों का सावधानीपूर्वक मिलान करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे तो निर्धारित प्रपत्र भरकर विद्यालय प्रधान के माध्यम से स्थापना शाखा में समय रहते जमा करें, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का कहना है कि सभी मामलों का निस्तारण नियमों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा।








