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एसएसबी 21वीं वाहिनी द्वारा देशभक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस

रिपोर्ट : न्यूज़ ब्यूरो

बलकर्मियों में दिखा राष्ट्रप्रेम का जज्बा

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बगहा, (जगमोहन काजी)।  15 अगस्त 2026 को 21वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, बगहा के वाहिनी प्रांगण में 80वां स्वतंत्रता दिवस तपेश्वर संबित राउत, कमांडेंट, 21वीं वाहिनी की अध्यक्षता में अदम्य साहस, देशभक्ति, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

फोटो : अमिट लेख

स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ। इस अवसर पर कमांडेंट महोदय को सशस्त्र सलामी दी गई। तत्पश्चात वाहिनी  के सेनानायक द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया और उपस्थित सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, बलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।

छाया : अमिट लेख

अपने संबोधन में सेनानायक तपेश्वर संबित राउत ने कहा कि आज का दिन कोई सामान्य दिन नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव, सम्मान, स्वाभिमान और वीर बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ध्वज देश की एकता, अखंडता, शांति, साहस एवं त्याग का प्रतीक है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों एवं वीर स्वतंत्रता सेनानियों की वीरगाथाओं को स्मरण करते हुए कहा कि हमें उनके बलिदानों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सेवा एवं सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहना चाहिए।

स्कूली छात्र-छात्रों ने दी प्रस्तुति

समारोह स्थल पर तिरंगे की शान और वीर बलिदानों की गाथा देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल करती रही। इस अवसर पर महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित स्वतंत्रता दिवस के शुभकामना संदेश को उपस्थित अधिकारियों एवं बलकर्मियों के समक्ष पढ़कर सुनाया गया। साथ ही, पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक तथा सीमांत मुख्यालय, पटना के महानिरीक्षक महोदय द्वारा प्राप्त प्रशस्ति पत्र सेनानायक द्वारा पात्र बलकर्मियों को प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस सम्मान से बलकर्मियों में उत्साह एवं कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना और अधिक मजबूत हुई। समारोह के दौरान कमांडेंट महोदय ने सभी बलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों के साथ मिष्ठान ग्रहण किया तथा सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की सेवा, सुरक्षा एवं एकता के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

एक अन्य कार्यक्रम में : बगहा के सनराइज विद्यालय की एक छात्र सिद्धि संचिता

कार्यक्रम के दौरान संदीक्षा सदस्यों के बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा और उत्साहपूर्वक उनका उत्साहवर्धन किया। इसी क्रम में 21वीं वाहिनी के अधीन आने वाली सभी सीमा चौकियों एवं सीमा क्षेत्र के विभिन्न चेक पोस्टों पर भी 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया।

सीमा चौकियों पर तिरंगा फहराया गया तथा बलकर्मियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य एवं समर्पण की भावना को प्रदर्शित किया। इसी क्रम में गंडक बैराज स्थित सीमा चौकी एवं चेक पोस्ट पर भी स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया, जहां बलकर्मियों ने पूरे जोश एवं उमंग के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया। सीमा पर तैनात बलकर्मियों का राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं देशसेवा का जज्बा पूरे वातावरण में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करता रहा।

इसी क्रम में 21वीं वाहिनी के संदीक्षा सदस्यों द्वारा हरियाली तीज महोत्सव का भी उत्साह एवं उमंग के साथ आयोजन किया गया। हरियाली तीज के अवसर पर संदीक्षा सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हुए एक-दूसरे को मेहंदी लगाई तथा सावन और तीज की खुशियों को आपस में साझा किया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों एवं श्रृंगार के साथ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत इस आयोजन ने वाहिनी परिवार के वातावरण को और भी खुशनुमा बना दिया। संदीक्षा सदस्यों ने हरियाली तीज के पारंपरिक महत्व, प्रकृति एवं नारी उत्सव से जुड़ी सांस्कृतिक भावनाओं को जीवंत करते हुए इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। मेहंदी की खुशबू, सावन की उमंग और पारंपरिक उल्लास ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। समारोह में 21वीं वाहिनी के सभी अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी एवं संदीक्षा सदस्याएं उपस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान वाहिनी परिसर एवं अधीनस्थ सीमा चौकियां देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक उल्लास एवं आपसी सौहार्द की भावना से ओत-प्रोत रहीं।

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