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Post: बाघ ने छीनी जिंदगी, वन विभाग ने थामा परिवार का हाथ

बाघ ने छीनी जिंदगी, वन विभाग ने थामा परिवार का हाथ

रिपोर्ट : न्यूज़ डेस्क, इंडो-नेपाल बॉर्डर

मृतक विजय हलदार के परिजनों को सौंपा गया ₹10 लाख का मुआवजा, पीड़ित परिवार के साथ खड़ा दिखा वन प्रशासन

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

वाल्मीकिनगर, (संतोष कुमार)। जंगल से सटे इलाके में बाघ के हमले में जान गंवाने वाले ग्रामीण विजय हलदार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया। ऐसे कठिन समय में वन प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देकर बड़ा सहारा दिया है। वाल्मीकि टाइगर परियोजना, वन प्रमंडल-2 के वाल्मीकिनगर रेंज क्षेत्र में वन क्षेत्र से सटे खेत में काम करने के दौरान शनिवार को बाघ के हमले में ग्रामीण विजय हलदार की मौत हो गई थी। घटना के बाद वन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को विभागीय प्रावधान के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की। इसी क्रम में शुक्रवार को सहायक वन संरक्षक शशि भूषण चौहान ने मृतक के परिजनों को उनके आवास पर पहुंचकर ₹10 लाख की मुआवजा राशि का चेक सौंपा। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सहायक वन संरक्षक श्री चौहान ने कहा कि वन प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ हमेशा खड़ा है। विभागीय प्रावधान के तहत परिवार को निर्धारित मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी गई है। मुआवजा राशि मिलने के बाद परिवार को आर्थिक रूप से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है। ग्रामीणों के लिए जंगल और खेत के बीच सुरक्षित आवागमन तथा वन्यजीवों से बचाव की व्यवस्था को लेकर भी यह घटना महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। इस अवसर पर सन्तपुर सोहरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रमेश कुमार महतो, समाजसेवी रामविलास यादव, वनपाल जीवच बैठा, वनरक्षी पिंटू पाल समेत अन्य वनकर्मी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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