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Post: गंडक को फिर मिला स्वच्छता का संकल्प, त्रिवेणी संगम से निकला भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा

गंडक को फिर मिला स्वच्छता का संकल्प, त्रिवेणी संगम से निकला भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा

रिपोर्ट : न्यूज़ ब्यूरो, इंडो-नेपाल बॉर्डर

सफाई अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी और संस्थागत प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

वाल्मीकिनगर, (संतोष कुमार)। श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद त्रिवेणी संगम क्षेत्र में फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण गंडक नदी और उसके आसपास प्लास्टिक सहित अन्य कचरा जमा हो गया था।

फोटो : संतोष कुमार

नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बुधवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अनुरूप संचालित जलज परियोजना के तहत त्रिवेणी संगम स्थित कौलेश्वर-सोनहा घाट पर सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गंडक नदी से करीब दो क्विंटल प्लास्टिक कचरा बाहर निकाला गया। परियोजना सहायक मुकेश कुमार ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान नदी एवं आसपास के इलाकों में प्लास्टिक कचरा फैल गया था, जिसे अभियान के माध्यम से हटाया गया। सफाई अभियान में गंगा प्रहरी मुरारी कुमार, सत्यांशु कुमार, रंजीत कुमार, सोनू कुमार और गोविंद कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं कौलेश्वर मंदिर के पुजारी का भी अभियान को सहयोग मिला।

नदी बचाने के लिए जरूरी है सामूहिक जिम्मेदारी

गंडक केवल एक नदी नहीं, बल्कि वाल्मीकिनगर की प्राकृतिक पहचान और हजारों लोगों की जीवनधारा है। ऐसे में नदी में प्लास्टिक और अन्य कचरा डालना पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत नदी की सतह की सफाई और जन-जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सफाई अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी और संस्थागत प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। यदि श्रद्धालु और पर्यटक नदी में प्लास्टिक न डालने का संकल्प लें, तो गंडक को लंबे समय तक स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।

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