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बिहार सरकार द्वारा पश्चिम चंपारण जिले की बाढ़ तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रिपोर्ट : उप-संपादक, बेतिया डेस्क

Glacial Lake Outburst Flow के कारण नेपाल में नारायणी नदी में बढ़े जल स्तर तथा पश्चिम चंपारण में संभावित बाढ़ अलर्ट के आलोक में आपदा प्रबंधन मंत्री ने किया उच्च स्तरीय बैठक

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। नेपाल में नारायणी नदी में बढ़े जल स्तर तथा गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि के मद्देनजर समाहरणालय सभागार, बेतिया में आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

फोटो : मोहन सिंह

बैठक में जिले के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पूर्व-तैयारियों, तटबंधों की सुरक्षा एवं राहत-बचाव कार्य योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी, तरनजोत सिंह, अपर समाहर्ता, राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), अमरेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता (लोक शिकायत निवारण), अनिल कुमार सिन्हा सहित अनुमंडल अधिकारी (बेतिया सदर एवं नरकटियागंज), आपदा प्रभारी सहित जल संसाधन, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत एवं पथ निर्माण विभाग के सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश एवं कार्य योजना :

* तटबंधों की 24×7 सतत निगरानी: वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज और गंडक नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए।

छाया : अमिट लेख

जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को संवेदनशील एवं अति-संवेदनशील तटबंधों पर फ्लड-फाइटिंग सामग्रियों (बालू बोरी, बोल्डर, नायलॉन क्रेट) के साथ स्थल पर तैनात रहने को कहा गया है।

* NDRF एवं SDRF टीमों की तैनाती: बगहा, पिपरासी, मधुबनी, बैरिया, नौतन एवं ठकराहा जैसे संभावित बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को बोट्स, लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ हाई अलर्ट पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।

* राहत सामग्री एवं आवश्यक दवाओं का अग्रिम भंडारण: आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सूखा राशन पैकेट (चूड़ा, गुड़, ओआरएस, माचिस आदि), पॉलीथिन शीट्स तथा शुद्ध पेयजल का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर एंटी-स्नेक वेनम (Snakebite Medicine) और जल-जनित बीमारियों की दवाओं का स्टॉक रखने का कड़ा निर्देश दिया गया।

* शरण स्थल एवं सामुदायिक रसोई (Community Kitchen): निचले एवं दियारा इलाकों से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए चिह्नित उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं बाढ़ शरण स्थलों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया। जलजमाव या विस्थापन की स्थिति बनते ही तत्काल गुणवत्तापूर्ण ‘सामुदायिक रसोई’ संचालित करने के आदेश दिए गए हैं।

* पशु राहत शिविर एवं चारा व्यवस्था: पशुधन की सुरक्षा हेतु ऊंचे स्थलों पर पशु राहत शिविर स्थापित करने और पर्याप्त पशु चारे एवं टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला पशुपालन अधिकारी को निर्देशित किया गया।

* जीआर राशि (GR Amount) का त्वरित वितरण: संभावित प्रभावित परिवारों की सूची को पारदर्शी तरीके से अद्यतन करने और सरकारी नियमानुसार सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे प्रभावितों के बैंक खातों में भेजने की तैयारी पूरी रखने का निर्देश मिला।

* 24 घंटे कार्यशील जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: जिला एवं प्रखंड स्तर पर आपातकालीन बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Room) 24×7 सक्रिय कर दिए गए हैं। आम नागरिक किसी भी आपात स्थिति या सूचना हेतु जिला आपदा कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

माननीय मंत्री का वक्तव्य: “राज्य सरकार पश्चिम चंपारण के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाढ़ से निपटने के लिए हमारी सभी तैयारियां दुरुस्त हैं। किसी भी पदाधिकारी या कर्मी द्वारा अपने कर्तव्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जन-धन की हानि को शून्य स्तर पर रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

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