AMIT LEKH

Post: शिक्षा विभाग का भ्रष्ट अफसर सस्पेंड, 4 साल में करोड़ों की काली कमाई, ईओयू ने की थी छापेमारी

शिक्षा विभाग का भ्रष्ट अफसर सस्पेंड, 4 साल में करोड़ों की काली कमाई, ईओयू ने की थी छापेमारी

रिपोर्ट : पटना डेस्क, 29 सितम्बर 2026

शिक्षा विभाग व शिक्षक कि मिली भगत से बच्चों के भविष्य से किया जा रहा खिलवाड़

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (विशेष ब्यूरो)। शिक्षा विभाग के एक भ्रष्ट अधिकारी को सस्पेंड किया गया है। सरकारी सेवा की छोटी अवधि में ही उक्त अधिकारी ने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने 5 अगस्त 2026 को धनकुबेर शिक्षा अधिकारी के खिलाफ डीए केस दर्ज किया। फिर चार ठिकानों पर छापेमारी की गई. अब जाकर उक्त अधिकारी को शिक्षा विभाग ने सस्पेंड किया है। शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन की तरफ से 29 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी ने 7 अगस्त को जानकारी दी। जिसमें कहा गया कि सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजित अमर के खिलाफ डीए केस दर्ज कर 4 ठिकानों पर छापा मारा गया। इस अधिकारी के खिलाफ आय से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप है। लिहाजा अजित अमर को सस्पेंड किया जाता है। बता दें, सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के घूसखोर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर ने करीब साढ़े चार साल के सेवाकाल में काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई। इसके बाद डीपीओ के सारण, सहरसा और सीवान स्थित चार ठिकानों पर ईओयू की हुई छापेमारी में यह खुलासा हुआ। ईओयू के अनुसार फरवरी 2022 में सेवा में आए डीपीओ अजीत अमर ने पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण के एकमा में छह बीघा 9 कट्ठा 8 धूर (481.36 डिसमिल) जमीन खरीदी। इस पर 41.50 लाख रुपये खर्च के दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, इससे अधिक रकम चुकाने के भी कागजात जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। डीपीओ के निजी आवास से 40.05 लाख रुपये के आभूषण मिले। 2023 से 2025 के बीच 27 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदे जाने के दस्तावेज भी मिले हैं। डीपीओ ने सीवान में अपने पैतृक जमीन पर 50 लाख से अधिक का घर बनाया है। एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक यामाहा एफएच बाइक भी खरीदी है। जबकि, अजीत को लगभग साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल में मात्र 38 लाख वेतन मद से प्राप्त हुए हैं। इसके मुकाबले उन्होंने काली कमाई से बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति बनाई। सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के ठिकानों पर छापे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। यह छापेमारी सीवान के दारौंदा थाना के रैनी स्थित पैतृक मकान, सहरसा नया बजार स्थित किराये का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर की गयी। सरकारी सेवा में आने पर अजीत अमर ने सहरसा में योगदान दिया। इस बीच उनकी सारण (छपरा) में डीपीओ (योजना एवं लेखा) पद पर प्रतिनियुक्ति हुई। इस प्रतिनियुक्ति के दौरान इनके ऊपर भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धनार्जन करने का आरोप लगा। स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच के बाद उन्हें मूल पदस्थापन स्थान सहरसा वापस कर दिया गया। ईओयू ने बताया कि डीपीओ ने सेवाकाल में दरौंदा के रैनी गांव में एक भव्य मकान का निर्माण कराया है। ईओयू ने डीपीओ पर आय से लगभग 72.35% अधिक संपत्ति के मामले में एफआईआर दर्ज की है।

Comments are closed.

Recent Post