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Post: मुख्यमंत्री का बाढ़ पीड़ितों की दूरदर्शन हवाई घोषणा : माले

मुख्यमंत्री का बाढ़ पीड़ितों की दूरदर्शन हवाई घोषणा : माले

रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 30 सितम्बर 2026

बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करने के बदले कड़े सुरक्षा घेरो में फतुहा स्थित प्रशाशनिक पदाधिकारियों- छुटभैयो जनप्रतिनिधियों की सीएम द्वारा बैठक का औचित्य नहीं

सभी बाढ़ पीड़ित गरीब परिवारों को अविलंब एक क्विंटल चावल और दस हजार रुपए राहत राशि दे सरकार

ध्वस्त व क्षतिग्रस्त घरों को बनाने व बर्बाद फसलों का मुआवजा यथाशीघ्र दे सरकार

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। फतुहा में सीएम सम्राट चौधरी के द्वारा पदाधिकारियों – जनप्रतिनिधियों की बैठक करने का कोई औचित्य नहीं है। बैठक जिला मुख्यालय में या वीडियो कॉन्फ्रेस से भी हो सकती थीं। हजारों बाढ़ पीड़ित इस उम्मीद में थे कि फतुहा पहुंचे थे कि सीएम उनकी दर्द की बात करेंगे और कोई राहत की घोषणा होगी, लेकिन सीएम की बैठक में कुछ गोल मटोल कही और बिल्कुल ही हवाई और लापरवाह तरीके से पूरे गंडक-कोशी और बिहार की अन्य नदियों के सभी बांधों के पक्कीकरण की घोषणा कर दी।

फोटो : मोहन सिंह

जिस सरकार के पास गरीब वृद्धजनों को मासिक पेंशन देने, रसोइयों का पैसा देने जैसे छोटे मोटे कार्यों के लिए पैसे नहीं देने कि क्षमता है, वह ऐसी घोषणा कर लोगो साथ जुमलेबाजी कर रही है। उक्त बाते भाकपा माले नेता वीरेंद्र गुप्ता और फरहान राजा ने कही। भाकपा माले की टीम बाढ़ पीड़ितों की दुख दर्द बांटने बैरिया अंचल के मच्छरगावा, डबरिया, मंगलपुर और अन्य गांव में गई थी, जिसमें उक्त नेताओं साथ कॉमरेड भारत शर्मा, सुरेंद्र चौधरी और साथी थे। उसी इलाके में सीएम के आने की सूचना थी जहां बैरिकेड लगा कर मुख्यमंत्री के आगमन स्थल तक जनता को जाने से रोक दिया गया था। सीएम के मीटिंग स्थल वाले स्कूल गेट पे ताला लगा हुआ था। इस स्थिति पर माले नेताओं ने कहा कि सरकार को जनता की तकलीफ़ों से कोई मतलब नहीं है, सरकार के पास बाढ़ पीड़ितों के लिए कुछ नहीं है। सरकार किसी तरह बाढ़ के पानी उतर जाने का इंतजार कर रही है।

छाया : अमिट लेख

सामुदायिक किचेन ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। माले नेताओं ने पीड़ितों के जिनके अनाज सड़ चुके है.. विस्तार और अन्य सामान नष्ट हो गया है उन्हें अभिलंब १ क्विंटल चावल और दस हजार रुपए प्रति परिवार देने की मांग की और जिनका फसल बर्बाद हुआ है उन्हें मुआवजा और जिनका घर टूट चुका है उन्हें पक्का मकान बनाए। माले नेताओं ने आगे कहा कि बरसात पूर्व बाढ़ रोकने की तैयारियों में सरकार ने अपराधिक लापरवाही किया है, जिससे राजवाटिया, बाथवारिया, गोलाघाट डुमरी और फुलिया खांट जैसे अनेक जगहों पर बांध टूट गया है। जलसंसाधन विभाग और भाजपा सरकार लुट योजनाओं के लिए बांध का रख रखाव नहीं कर रही है। सामुदायिक किचेन के नाम से फिलहाल लुट पाट चल रहा है जिससे पानी पार कर अधिकांश गरीब जाने की स्थिति में नहीं है.. इसी के साथ अब फ्लड फाइटिंग के नाम पे लुट चलेगी।

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