रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 03 नवंबर 2026
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर अंसारुल चिमनी मलिक का बताया जा रहा है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पश्चिम चम्पारण, (रमेश ठाकुर)। रामनगर पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के हरिनगर स्थित डैनमरवा मोड़ पर आज मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर से कुचलकर एक युवक की मौत हो गई। मृतक डैनमरवा का बनिया टोला निवासी बताया जा रहा है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर अंसारुल चिमनी मलिक का बताया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर रामनगर नगर परिषद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता सड़क व्यवस्था सुधारने के बजाय कथित वसूली के कुछ निर्धारित स्थानों तक सीमित रह गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि धनहा पुल, एनएच-29(बी), सैनिक रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, वाल्मीकिनगर बॉर्डर तथा गौनाहा रोड बॉर्डर सहित कई स्थानों पर कथित अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जबकि रामनगर के व्यस्त चौक-चौराहों और मोड़ों पर यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि गन्ना पेराई का सीजन अभी बाकी है। ऐसे में ट्रैक्टरों और गन्ना लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। यदि समय रहते यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसके अलावा ई-रिक्शा और सीएनजी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना प्रभावी नियंत्रण और नियमों के अनुपालन की जांच के वाहनों का परिचालन दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है। यदि सभी वाहनों के कागजात और चालकों के लाइसेंस की सख्ती से जांच की जाए तो कई वाहनों के अवैध परिचालन का मामला सामने आ सकता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से मामले में शीघ्र संज्ञान लेने, रामनगर में प्रभावी ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था लागू करने, वाहनों की नियमित जांच कराने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि आखिर सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग की निष्क्रियता पर कब लगाम लगेगी?

