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9 साल तबाही-बर्बादी, लोकतंत्र पर हमले का साल रहा : महागठबंधन

भाजपा सरकार की 9 साल तबाही-बर्बादी, लोकतंत्र, संविधान पर हमले का साल रहा – महागठबंधन

महागठबंधन के आह्वान पर आरा प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया

✍️ अरुण कुमार ओझा, अनुमंडल ब्यूरो

– अमिट लेख

आरा /भोजपुर। गुरुवार को महागठबंधन के आह्वान पर आरा प्रखंड मुख्यालय पर धरना -किया गया। धरना में महागठबंधन के भाकपा-माले, राजद, जदयू, कांग्रेस, सीपीआई जैसे प्रमुख घातक दलों के पक्ष में सैकड़ों जनता शामिल हुई। बिहार सहित पूरे देश में जातीय गणना कराओ, देश में लगातार बढ़ती महंगाई पर रोक लगाओ, हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा पूरा करो, संवैधानिक संस्थाओं का लगातार दुरुपयोग बंद करो, किसानों की आय दोगुनी करने और एमएसपी को कानूनी मान्यता देने का वादा पूरा करो, उन्माद-उत्पाद और नफरत-विभाजन की राजनीति पर रोक लगाओ, मनरेगा सहित दलित गरीबों की आवास एवं खदान योजना के मध्य में लगातार कटौती हो रही है, इस पर रोक लगाओ आदि नारे लगाये गये। अंत मे अपनी मांगों के समर्थन में सीओ को एक ज्ञापन सौंपा गया। धरना को सम्बोधित करते हुए महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि मोदी शासन के 9 साल जनता की चरम तबाही-बर्बादी, लोकतंत्र – संविधान पर हमले, लूट-दमन और नफरत का भयावह दौर साबित हुआ है। महंगाई की मार से जनता त्रस्त है! यह पहली ऐसी सरकार है जो खाद्य पदार्थों से लेकर पाठ्य पुस्तकों व सामग्रियां पर भी टैक्स (जीएसटी) लगा रही है। रसोई गैस की कीमत 1300 रु. प्रति सिलेण्डर पार कर गई है और लोग एक बार फिर से गोइठा व लकड़ी के युग में लौटने को विवश हैं। उज्जवला योजना के नाम पर लोगों की केवल सब्सिडी छुड़वाई गई। प्रत्येक साल दो करोड़ रोजगार का वादा भी पूरी तरह झूठ साबित हुआ। केंद्र सरकार के कार्यालयों में लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उनपर कोई बहाली नहीं कर रही है। विगत 75 वर्षों में बेरोजगारी की ऐसी भयावह स्थिति कभी सामने नहीं आई थी। महागठबंधन के नेताओ ने कहा कि इस बर्बर सरकार के खिलाफ जनता की बडी एकता की जरूरत है।इस एकता के बल पर 2024 में आक्रमक जवाब देना होगा।धरना की अध्यक्षता जदयू महानगर अध्यक्ष जेपी चौधरी,
भाकपा-माले के राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा, राजद नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश मुन्ना,कांग्रेस के नेता सत्यप्रकाश राय, सीपीआई के नेता ज्योतिष कुमार, जदयू के नेता रविंद्रनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया। संचालन भाकपा-माले नगर सचिव दिलराज प्रीतम ने किया। इस धरना में मुख्य रूप से शामिल होनेवालों में राजद के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान, राजद के वरिष्ठ नेता व‌ पूर्व विधान पार्षद लाल दास राय, भाकपा-माले जिला सचिव जवाहरलाल सिंह, राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी, जदयू जिलाध्यक्ष संजय सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक राम, राजद जिला‌ध्यक्ष बीरबल यादव, भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य राजनाथ राम, जिला पार्षद धन्नजय यादव, भीम यादव, हरिफन यादव, ऐपवा नगर सचिव शोमा मंडल, अमित बंटी, तेजनरायण सिंह, कांग्रेस नेता श्रीधर तिवारी,रज्जी अहमद, जितेंद्र शर्मा,जदयू की महिला सेल‌ की अध्यक्ष रम्भा देवी, जदयू के आरा विधानसभा प्रभारी, संतोष कुशवाहा,भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य गोपाल प्रसाद, शब्बीर कुमार, विकास कुमार, पप्पू कुमार राम, कांग्रेस नेता वीरेन्द्र मिश्रा, कैप्टन अतुल रहमान, राजकिशोर सिंह, रौशन कुशवाहा, आर एन मेहता, धीरज कुमार, जदयू नेता कामेश्वर सिंह, सागर कुमार, राम कुमार राम, गुप्तेश्वर पाण्डेय, अंजनी कुमार, राजेंद्र यादव, संतविलास राम सहित महागठबंधन के सैकड़ों नेता कार्यकर्ता शामिल रहे।

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