बिहार प्रदेश काॅंग्रेस कमिटी के प्रशिक्षण प्रभारी प्रो. रणजीत कुमार मिश्र ने केन्द्र तथा राज्य सरकार से कोसी समस्या के स्थाई समाधान हेतु रोड मैप बनाने की मॉंग की है
मिथिलेश कुमार झा, अनुमंडल ब्यूरो
– अमिट लेख
वीरपुर, (सुपौल)। बिहार प्रदेश काॅंग्रेस कमिटी के प्रशिक्षण प्रभारी प्रो. रणजीत कुमार मिश्र ने केन्द्र तथा राज्य सरकार से कोसी समस्या के स्थाई समाधान हेतु रोड मैप बनाने की मॉंग की है। उन्होंने कहा कि कोसी नदी को अपने मध्य भाग में बहने के लिए जगह चाहिए। इसके लिए नेपाल के बराह क्षेत्र से लेकर खगड़िया जिले के कुरसेला तक व्यापक स्तर पर सिल्ट निकालने की आवश्यकता है।
तटबंधों के पास अवैध बालू खनन के कारण नदी का जल प्रत्येक वर्ष तटबंध के करीब पहुॅंच जाता है। परिणामस्वरूप हर साल विभिन्न स्परों पर पानी का दबाव बन जाता है।इस कारण सम्पूर्ण कोसी क्षेत्र के लोग पूरी बरसात में कुसहा त्रासदी को याद कर भयभीत रहते हैं। अतः बिहार सरकार तथा केन्द्र सरकार को नेपाल के साथ बात करके इस समस्या के स्थाई समाधान की दिशा में ठोस प्रयास करना चाहिए। प्रो.मिश्र ने 18 अगस्त,2008 को हुए कुसहा त्रासदी में मारे गए भारत तथा नेपाल के लोगों को अपनी श्रद्धाॅंजलि देते हुए कहा कि 15 वर्ष बीतने के बाद भी कोसी विभीषिका से उजड़े क्षेत्र का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। आज भी किसानों के खेतों में कई-कई फीट बालू जमा है, पुल-पुलिया ध्वस्त हैं तथा सिंचाई की व्यवस्था भी फिर से बहाल नहीं हो पाई है। प्रो.मिश्र ने कहा कि यहाॅं के राजनेताओं, अभियन्ताओं तथा सम्वेदकों ने कोसी को कामधेनु गाय समझ लिया है। सबने कोसी को जी भरकर लूटा है। यह लूट बन्द होनी चाहिए। इसके लिए कोसी क्षेत्र की जनता को जागरूक होना पड़ेगा। कोसी को इस क्षेत्र के लिए बरदान बनाने हेतु सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है। यहॉं अच्छी सिंचाई के कारण कृषि विकास की असीम संभावनाएं हैं। बिजली उत्पादन तथा पर्यटन के क्षेत्र में भी यहाॅं उल्लेखनीय प्रगति हो सकती है।








