AMIT LEKH

Post: 27 वां शहादत दिवस पर याद किए गए सफायत अंसारी

27 वां शहादत दिवस पर याद किए गए सफायत अंसारी

भाजपा को सत्ता और समाज से बेदखल करें- नैमुद्दीन अंसारी

आज़ाद भारत में सबसे ज्यादा बेरोजगारी- फरहान राजा

मोदी सरकार के विनाशकारी शासन को समाप्त करने के लिए जनता को तैयार रहने को आह्वान : सुनील कुमार राव

न्यूज़ डेस्क, बेतिया

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। 27 वां शहादत दिवस पर भाकपा माले के नेता सफायत अंसारी को याद करते हुए उनकी शहादत दिवस पर भाकपा-माले ने बेहरा में संकल्प सभा और खेग्रामस का तीसरा अंचल सम्मेलन का आयोजन किया। शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर संकल्प सभा किया, सभा का संचालन माले नेता वीरेंद्र पासवान ने किया।

फोटो : अमिट लेख

सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य नैमुद्दीन अंसारी ने कहा कि जिस संकट का हम सामना कर रहे हैं, अभूतपूर्व संकट है। आजादी के बाद हिंदुस्तान ने ऐसा संकट कभी नहीं झेला है, कभी देखा नहीं है और जाहिर सी बात है कि जब संकट इतना गहरा है तो, उतना ही बड़ा और इतना व्यापक आंदोलन खड़ा करना होगा। और भाजपा-आरएसएस को सत्ता और समाज से बेदखल करने का संकल्प लेना होगा। यही कामरेड सफायत अंसारी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य सुनील कुमार राव ने कहा कि देश में मोदी शासन अराजकता और आपदा का निर्बाध शासन चल रहा है। हमें उस साजिश को विफल करने और मोदी सरकार के विनाशकारी शासन को समाप्त करने के लिए युद्ध लड़ने को तैयार रहना है।

भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य विष्णुदेव यादव ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी हिटलर व तुगलक के मिश्रण सरकार हैं। नोटबंदी के बाद अब नामबंदी की साजिश चल रही है. देश का नाम बदलने का यह पागलपन है। भारत को इस विपत्तिपूर्ण शासन से हर हाल में बचाना होगा। यही कामरेड सफायत अंसारी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिनके कार्यकाल में इनकी विध्वंशक नीतियों के चलते आज़ाद भारत सबसे ज्यादा बेरोजगारी का सामना कर रहा है। इसलिए इस दिन को आरवाईए “राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस” के रूप में मनाता है। इस साल 17 सितंबर को प्रमुखता से सभी बाजारों में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध दर्ज करने का आह्वान किया। इनके अलावा इनौस जिला सचिव संजय मुखिया ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज देश में फासीवाद के बढ़ते हमले के दौर में शहीद कामरेड सफायत अंसारी के कुर्बानी को याद करते हुए लड़ाई को और तेज करना होगा। इंसाफ मंच जिला अध्यक्ष अख्तर इमाम ने संकल्प सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि एकताबद्ध होकर लोकसभा चुनाव में उतरना होगा तथा 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम के ठीक उलटा परिणाम 2024 में देना है। बिहार विधानसभा 2020 के चुनाव के स्पिरिट के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। इसके अफाक अहमद और भाकपा-माले नेता सुजायत अंसारी,शौकत अली, खेग्रामस जिला सचिव सीताराम राम, वीरेंद्र पासवान, इस्लाम अंसारी आदि नेताओं ने भी संकल्प सभा को सम्बोधित किया।
इसके साथ अंत में खेग्रामस का तीसरा अंचल सम्मेलन भी हुआ जिसमें अध्यक्ष इस्लाम अंसारी और सचिव वीरेंद्र पासवान को सर्वसम्मति से चुना गया।

Comments are closed.

Recent Post