चार बाल मजदुर मुक्त
न्यूज़ डेस्क,पूर्वी चंपारण
दिवाकर पाण्डेय
-अमिट लेख
मोतिहारी(जिला ब्यूरो)। पूर्वी चम्पारण जिला के रक्सौल में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं श्रम संसाधन विभाग बिहार के निर्देशों के आलोक में एवं सत्य प्रकाश श्रम भंडार के अध्यक्ष पूर्वी चाओनाला, मोतिहारी के नेतृत्व में रक्सौल सीमा क्षेत्र में विशेष धावा दल के द्वारा विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच अभियान चलाया गया। जांच के क्रम में रक्सौल के कुल-02 बाल श्रमिकों को 01 बाल श्रमिक और दिल्ली किराना स्टोर से 03 बाल श्रमिक अर्थात कुल-04 बाल कलाकारों को धावा दल की टीम द्वारा विमुक्त कंपनी बनाया गया। साथ ही श्रम सहयोग सत्य प्रकाश द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि यह अभियान ईस्टर्न कैसल जिला 10.दिसंबर तक क्रियाशील रहेगा! बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिष्ठित एवं गणतंत्र) अधिनियम, 1986 के तहत सभी नियोजकों के स्वीकृत संबंधित बयानों में चित्र दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि सभी विमुक्त बाल कल्याण समिति में बाल एवं किशोर श्रम समिति, पूर्वी रांची, मोतिहारी के समसामयिक उप-प्रबंधक उन्हें बाल प्रदान कर सकते हैं। घर में रखा गया है। श्रम प्रबंधक सत्य प्रकाश द्वारा बताया गया कि बच्चों से संस्थान में कार्य बाल एवं किशोर श्रम संस्थान एवं उद्यमिता के अंतर्गत गैर कानूनी है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिष्ठित एवं धार्मिक) अधिनियम, 1986 के अटार्गट बाल मॉडल से कार्य वाले लोगों को 20 हजार पीक से 50 हजार पीक तक का जुर्माना और 2 वर्ष तक का लायबिलिटी का प्रस्ताव है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निदेश के आलोक में सभी नियोजकों से 20,000/- (बीस हजार रु.) प्रति बाल श्रमिकों की दर से राशि की मांग की जाएगी। आज की इस विशेष ढावा दल की टीम में श्रम प्रवर्तन मैनचेस्टर, आदापुर प्रभारी रक्सौल राजीव रंजन प्रसाद गोंड, श्रम प्रवर्तन मैनचेस्टर, सुगौली दिवाकर प्रसाद, श्रम प्रवर्तन मैनचेस्टर, कल्याणपुर सरफराज अहमद खान, प्रयास संस्था से विजय कुमार शर्मा एवं रक्सौल थान से 07 पुलिस अनारि एवं एंटीमैन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम शामिल थी।








