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Post: अधिकार जीविका संकुल संघ में नई चेतना कार्यक्रम लॉन्च, महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल तेज

अधिकार जीविका संकुल संघ में नई चेतना कार्यक्रम लॉन्च, महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल तेज

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :

लैंगिक समानता हेतु राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना कार्यक्रम’ का हुआ भव्य शुभारंभ

“जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है, वहाँ तरक्की अवश्य होती है”

न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चम्पारण 

मोहन सिंह

– अमिट लेख

बेतिया, (ए.एल.न्यूज़)। अधिकार जीविका महिला संकुल संघ, मझौलिया के कार्यालय परिसर में लैंगिक समानता पर आधारित राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना कार्यक्रम’ का शुभारंभ गरिमामयी माहौल में किया गया। कार्यक्रम में सांसद संजय जायसवाल एवं माननीय विधायिका श्रीमती रेणु देवी ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज की।

फोटो : मोहन सिंह

दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया। इससे पूर्व अधिकार जीविका महिला संकुल संघ मझौलिया की जीविका दीदियों द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर हार्दिक स्वागत किया गया। माननीय विधायिका ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “महिलाओं को घरेलू उत्पीड़न के विरुद्ध निडर होकर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज भी कई महिलाएँ घरेलू हिंसा को अपनी नियति मानकर चुप रहती हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लैंगिक समानता की सीख बचपन से ही बच्चों को दी जाए, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। सांसद संजय जायसवाल ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि “पुरुषों को अपनी पत्नी, बहनों एवं परिवार की सभी महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। लड़का–लड़की में किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार या समाज में किसी भी प्रकार का उत्पीड़न हो तो उसका साहसपूर्वक विरोध करें और उचित मंच पर अपनी आवाज़ उठाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि “जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है, वहाँ तरक्की अवश्य होती है। इस अवसर पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने बताया कि नई चेतना अभियान का आयोजन सभी स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों एवं संकुल संघों में सतत रूप से किया जा रहा है। जिन प्रखंडों में दीदी अधिकार केंद्र स्थापित हो चुके हैं, वहाँ विशेष रूप से जागरूकता गतिविधियाँ संचालित होंगी। उन्होंने जानकारी दी कि यह अभियान 25 नवंबर से प्रारंभ होकर 23 दिसंबर, अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस तक चलेगा।

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