बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग से वरिष्ठ अधिकारियों, जिले के इलेक्टोनिक एवं प्रिंट मीडिया कर्मी एवं विभाग के सहयोगी संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। 17 दिसंबर 25 दिन बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा होटल जॉली ग्रांड, बेतिया, पश्चिमी चंपारण के सभा कक्ष में जिले के मीडिया कर्मीयो के साथ एक जिला स्तरीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजित किया गया।

इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग से वरिष्ठ अधिकारियों, जिले के इलेक्टोनिक एवं प्रिंट मीडिया कर्मी एवं विभाग के सहयोगी संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार, ACMO डॉ. रमेश चंद्र, DIO डॉ. अवधेश कुमार सिंह एवं जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश कुमार कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
यूनिसेफ के राज्य प्रतिनिधि मो० सबाब मल्लिक ने पी.पी.टी के माध्यम से बताया की गावी परियोजना के तहत कौन कौन से गतिविधी की जा रही है तथा इसका क्या प्रभाव है साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया की जिले के चयनित छह प्रखंडों के 64 गाँवो में जीरो डोज वाले/इंकार वाले बच्चे को चयनित किया जा रहा है तथा उनके माता पिता को समझा कर बच्चे को टिका लगवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीका कैसे बच्चे के भविष्य निर्माण में सहायक है और कैसे बच्चे के साथ साथ पुरे परिवार को लाभ या टीका नहीं लगवाने पर नहीं पंहुचा सकता है। कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देना, जन-जागरूकता को बढ़ाना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करना था। मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा,“नियमित टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। मीडिया इस संदेश को समाज के हर कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश कुमार ने उपस्थित पत्रकारों से आह्वान किया कि आप सब सकारात्मक समाचारों के माध्यम से टीकाकरण अभियान को जन जन तक पहुंचाने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करें। कार्यशाला में उपस्थित एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा ने बताया कि नियमित टीकाकरण से खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खाँसी जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है। वहीं, मीडिया के माध्यम से इन बीमारियों और टीकाकरण से जुड़ी सच्ची जानकारी आमजन तक पहुँचाना अनिवार्य है। साथ ही कहा कि मीडिया के सहयोग से “मिशन इंद्रधनुष” जैसे कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक सफल बनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि कई बार अफवाहों और जानकारी की कमी के कारण अभिभावक टीकाकरण से दूर रहते हैं, जिसे मीडिया सही जानकारी देकर बदल सकती है। कार्यशाला में स्थानीय पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अवधेश कुमार सिंह ने बताया की बाजार और सरकार के टिके में क्या अंतर है। उन्होंने बताया की सरकार के टिके के ऊपर VVM (वैक्सीन भाईल मॉनिटर) लगा होता है जिससे टिका के योग्य या अयोग्य होने का पता कोई अनपढ़ व्यक्क्ति भी लगा सकता है। हमारे यहाँ BCG एवं MR का टिका 4 घंटे के बाद नहीं देना होता है इसके लिए भाईल खोलने से पहले ANM उस पर तिथि और समय अंकित करती है। चार घंटे बीत जाने के बाद टिके को निष्क्रिय कर दिया जाता है। हमारे यहाँ के टिके +2 से 8 डिग्री तापमान से पर ILR में रखा जाता है जिसकी चौबीसों घंटो मोनिटरिंग होती है जबकि बाजार का टिका घरेलु उपयोग के फ्रिज में रखा जाता है। हमारे यहाँ ऑटो डिस्पोजेब्ल सिरिंज से टिका लगाया जाता है ये सारी चीजे टीकाकरण की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए की जाती है जबकि बाजार के टिके में इतनी सजगता नहीं बरती जाती है| इन सभी टिको की न्यूनतम मार्केट व्यल्यु लगभग तिस हजार रूपए के आस पास है जो कही न कही सकरारी टिके लगवाने से परिवार को बचत होती है जिसका अन्य किसी काम में परिवार इस्तेमाल कर सकता है |
कार्यक्रम में डीपीएम अमित अचल, डॉ मुन्ना,पी.सी.आई. पटना के कार्यक्रम प्रबंधक कामता पाठक, पश्चिम चंपारण जिला समन्वयक राजेश कुमार कुमार, प्रखंड समन्वयक निधि राय, विजय चौबे एवं यूनिसेफ के एस एम सी राजीव कुमार, WHO के एस एम ओ डॉ नरेंद्र सहित इलेक्ट्रोनिक एवं प्रिंट मीडिया के मीडिया कर्मी शामिल हुए |








