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Post: कॉर्पोरेट परस्ती में मशगूल नीतीश सरकार का मात्र 15 से 20 रुपए गन्ना मूल्य बढ़ाना नाकाफ़ी : सुनील कुमार राव

कॉर्पोरेट परस्ती में मशगूल नीतीश सरकार का मात्र 15 से 20 रुपए गन्ना मूल्य बढ़ाना नाकाफ़ी : सुनील कुमार राव

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :

गन्ना मूल्य 600 करने के लिए सरकार 210 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दे: किसान महासभा

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। अखिल भारतीय किसान महासभा सह बिहार राज्य गन्ना उत्पादक किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने बिहार सरकार ने गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य बढ़ाने के लंबे समय से 600 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग पर मात्र 15 से 20 रुपए बढ़ाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गन्ना पेराई सत्र 2025-26 से गन्ने के मूल्य में मात्र 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है,जो नाकाफ़ी है। किसान गन्ना मूल्य 600 रुपए प्रति किवंटल करने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं लेकिन चीनी मिलों के प्रबंधकों, बिहार सरकार और गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक में जो रेट तय हुआ है वह नीतीश कुमार की कॉर्पोरेट परस्ती का नमुना है। तथा बैठक में जिन लोगों को किसानों के प्रतिनिधियों के बतौर पेश किया जाता है वह राज्य और देश में संघर्षरत किसानों के संगठन के प्रतिनिधि नहीं होते बल्कि चीनी मिलों के प्रबंधकों के पक्षधर होते हैं।उनको किसानों से कोई नहीं मतलब नहीं होता है।उन्होंने गन्ना मूल्य कम बढ़ाए जाने की निन्दा करते हुए कहा बढ़ाए गए गन्ना मूल्य से गन्ना किसानों को बहुत फायदा नहीं है। सरकार हमेशा कॉर्पोरेट जगत को ही खुश करने और सब्सिडी देने में मशगूल रहतीं हैं। उचित गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने से प्रतिवर्ष गन्ना की खेती का रकबा कम होते जा रहा है। सुखी लकड़ी भी 800 रुपए प्रति क्विंटल बाजार में बिकता है लेकिन गन्ना मूल्य मात्र 390 रुपए प्रति क्विंटल यह किसानों को बर्दाश्त नहीं।सरकार और चीनी मिल मालिकों द्वारा किसानों को लुटने की परंपरा बंद होनी चाहिए और सरकार किसानों को 210 रुपए बोनस के रूप में दे ताकि खेती में घाटे की भरपाई किया जा सके और किसानों को 600 रुपए गन्ना मूल्य हो सके।

नए दर के अनुसार—
👍 उत्तम प्रभेद : ₹390 प्रति क्विंटल
👍 सामान्य प्रभेद : ₹370 प्रति क्विंटल
👍 निम्न प्रभेद : ₹340 प्रति क्विंटल

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