पटना से हमारे विशेष संवाददाता का संकलन :
खुफिया इत्तला मिली थी कि इस वारदात में शामिल बदमाश इसी स्टेट हाइवे से गुजरने वाले हैं
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार के मधुबनी जिले की खामोश फिजा गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठी। रामपट्टी-राजनगर स्टेट हाइवे पर करीब 5:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच हुई आमने-सामने की मुठभेड़ ने इलाके में सनसनी फैला दी। इस गोलीबारी में कुख्यात अपराधी मो. अरसद पैर में गोली लगने से जख्मी हो गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, अरसद पर लूट, छिनतई और चोरी के आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। चार दिन पहले हुए चर्चित जयराम मंडल हत्याकांड में भी उसकी संलिप्तता की सुबहा हो रही थी। इसी सुराग पर पुलिस ने जाल बिछाया था। जिले के कप्तान योगेंद्र कुमार ने शाम को प्रेस वार्ता में खुलासा किया कि 10 फरवरी को राघोपुर बलाट समाधि टोल निवासी जयराम मंडल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खुफिया इत्तला मिली थी कि इस वारदात में शामिल बदमाश इसी स्टेट हाइवे से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बलाट गांव के पास घेराबंदी कर सख्त वाहन जांच शुरू कर दी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो एक बदमाश ने पिस्टल निकालकर दनादन फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में अरसद के पैर में गोली लगी और वह सड़क पर गिर पड़ा। उसके बाकी दो साथी मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे। घटनास्थल से एक लोडेड पिस्टल बरामद की गई है। जख्मी अरसद को फौरन सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का दावा है कि हत्याकांड में उसकी भूमिका की गहन तफ्तीश की जा रही है। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सघन अभियान में अरसद के भाई अमन अमीर समेत तीन शातिरों को हथियार और कारतूस के साथ दबोच लिया गया है। पुलिस फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इलाके में दहशत का माहौल है, लेकिन पुलिस इसे बड़ी कामयाबी बता रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फरार अपराधी कब सलाखों के पीछे पहुंचते हैं और जयराम मंडल हत्याकांड की गुत्थी कब पूरी तरह सुलझती है।








