पटना से हमारे विशेष संवाददाता की रिपोर्ट :
बिहार मैट्रिक परीक्षा कल से शुरू : 30 मिनट पहले बंद हो जाएंगे केंद्रों के गेट
न्यूज़ डेस्क, ए.एल न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2026 कल यानी 17 फरवरी से पूरे राज्य में एक साथ शुरू होने जा रही है। इस वर्ष की परीक्षा के लिए कुल 15,12,687 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरा है, जिनमें छात्राओं की संख्या 7,85,726 और छात्रों की संख्या 7,26,961 है। परीक्षा को पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और स्वयं केंद्रों पर भ्रमणशील रहने का कड़ा निर्देश दिया है। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा विषय (हिन्दी, बंगला, उर्दू एवं मैथिली) की परीक्षा राज्य के कुल 1,699 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 09:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जिसमें 7,58,633 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। वहीं, द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें 7,54,054 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने और समझने के लिए प्रत्येक पाली में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। बोर्ड ने समय पालन को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले केंद्र के अंदर प्रवेश कर लेना अनिवार्य है। परीक्षा प्रारंभ होने के ठीक 30 मिनट पहले केंद्रों का मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और देर से आने वाले किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। केंद्रों पर भीड़ से बचने के लिए परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पूर्व से ही परीक्षार्थियों का प्रवेश शुरू कर दिया जाएगा। परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने ‘जीरो टॉलरेन्स ‘ की नीति अपनाई है। सभी केंद्रों पर दो स्तर की फ्रिस्किंग (जांच), तीन स्तर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या मोबाइल फोन ले जाने पर वीक्षकों और कर्मियों पर भी रोक रहेगी। बिहार बोर्ड ने परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया है, जिसमें छात्रों को नाम और फोटो युक्त प्री-प्रिंटेड उत्तर पुस्तिका और ओएमआर (ओएमआर) शीट उपलब्ध कराई जाएगी। छात्राओं के लिए विशेष रूप से प्रत्येक जिले में चार ‘मॉडल परीक्षा केंद्र’ बनाए गए हैं, जो परीक्षा के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने वाले या कदाचार में लिप्त तत्वों के विरुद्ध बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया गया है।विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग एवं नेत्रहीन) परीक्षार्थियों के लिए भी बोर्ड ने विशेष सुविधाएं प्रदान की हैं. वैसे छात्र जो स्वयं लिखने में असमर्थ हैं, उन्हें ‘लेखक’ रखने की अनुमति दी गई है और उन्हें निर्धारित समय से 20 मिनट प्रति घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा. परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए भी विशिष्ट समय सारणी तय की गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके। कुल परीक्षार्थी: इस वर्ष कुल 15,12,687 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें 7,85,726 छात्राएं और 7,26,961 छात्र शामिल हैं। द्वितीय पाली। इसमें 7,54,054 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। पहले दिन का विषय: 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा (हिन्दी, बंगला, उर्दू एवं मैथिली) की परीक्षा होगी। प्रथम पाली: पूर्वाह्न 09:30 बजे से 12:45 बजे अपराह्न तक। द्वितीय पाली: अपराह्न 02:00 बजे से 05:15 बजे तक। प्रवेश की समय-सीमा: परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा (30 मिनट) पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है । परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पूर्व केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। अतिरिक्त समय: प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का आरंभिक समय दिया जाएगा।
सुरक्षा और कदाचार रोकने के उपाय :
परीक्षा कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का पालन किया जाएगा। मोबाइल पर प्रतिबंध: परीक्षार्थी, वीक्षक, पदाधिकारी या कोई भी कर्मी परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। निगरानी व्यवस्था: केंद्रों पर CCTV और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है । साथ ही केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित है। Frisking और मजिस्ट्रेट: सभी केंद्रों पर 2 स्तर की फ्रिस्किंग (Frisking) और 3 स्तर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है । मॉडल केंद्र: छात्राओं की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में 04 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं ।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए सुविधा :
वैसे दिव्यांग या दृष्टिबाधित परीक्षार्थी जो स्वयं लिखने में असमर्थ हैं, उन्हें लेखक (Scribe) रखने की अनुमति दी गई है ।
ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित समय में 20 मिनट प्रति घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा ।








