बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
अमेरिका–इजरायल आपराधिक साम्राज्यवादी गठजोड़ द्वारा “ईरान के खिलाफ जारी युद्ध पर तत्काल रोक लगाने की किया मांग
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया (मोहन सिंह)। अमेरिका–इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के विरोध में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने आज बेतिया में युद्ध विरोधी शांति मार्च निकाला।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अमेरिका–इजरायल आपराधिक साम्राज्यवादी गठजोड़ मुर्दाबाद”, “ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोक लगाओ” जैसे नारे लगाए। शांति मार्च के माध्यम से भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की युद्धवादी नीतियाँ पूरी दुनिया में अस्थिरता और तबाही फैला रही हैं। ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई से आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। भाकपा माले ने ईरान की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। माले नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है। आज ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे हैं उसी के खिलाफ हम लोग यह मार्च निकाल रहे हैं। यह युद्ध केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ना शुरू हो चुका है। तेल की कीमतों में वृद्धि, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनाव का बोझ अंततः आम लोगों को ही उठाना पड़ेगा। इसका प्रभाव रसोई गैस पर सीधा दिखाई दे रहा है कि अभी 950 का रसोई गैस 1500-1600 में मिल रहा है, वह भी सभी को नहीं मिल रहा है, आगे और विकराल रूप लेगा। भाकपा माले नेता सह इंकलाबी नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने केंद्र की मोदी सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत सरकार को युद्ध और साम्राज्यवादी आक्रमण के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए तथा शांति और कूटनीतिक समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए। भारत की विदेश नीति हमेशा शांति, गुटनिरपेक्षता और संवाद पर आधारित रही है, इसलिए सरकार को युद्ध समर्थक शक्तियों के साथ खड़ा होने के बजाय विश्व शांति के पक्ष में आवाज उठानी चाहिए। भाकपा माले नेता मुजिबूर्रहमान साहब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को तत्काल रोका जाए और संवाद व कूटनीति के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाए। भाकपा माले नेता नवीन कुमार ने कहा कि पूरे विश्व को जिस तरह से अमेरिका युद्ध में धकेल रहा है, उसी युद्ध के खिलाफ आज हम लोग शांति मार्च निकाल रहे हैं। दुनिया के लोग युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। कभी भी युद्ध से कोई भी मसला हल नहीं हुआ है। भाकपा माले नेता संजय यादव ने कहा कि हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं। हम यहां मार्च इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका रोज-रोज नया आदेश जारी कर रहा है। पीएम मोदी अमेरिका के सामने घुटने टेक रहे हैं। यह हमें कहीं से भी बर्दाश्त नहीं है। इस युद्ध से भारत में भी काफी प्रभाव पड़ रहा है भाकपा माले नेता महमद अफाक ने हम पीएम से मांग करते हुए कि अमेरिका के खिलाफ खड़े हो और उसे सबक सिखाएं। अमेरिका के शर्तों पर हमारे देश में चीजें लागू मत कीजिए। अमेरिका की दादागिरी भारत के अंदर नहीं चलेगी और हमारे प्रधानमंत्री इस दादागिरी के खिलाफ खड़े हो। शांति मार्च में बड़ी संख्या में भाकपा माले के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। माले नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि ईरान-इस्राइल युद्ध को अभी 11 दिन ही हुए हैं, LPG सिलेंडर की सप्लाई कम होने से मुंबई सहित देश के 50% होटल बंद होने की कगार पर हैं! चीन, पाकिस्तान, रूस के शिप आराम से आ जा रहे हैं, मोदी जी के फादरलैंड वाले बयान के कारण भारत के शिप को परमिशन नहीं? इनके अलावा नसरूल्लह, मंगल चौधरी, मुन्ना पासवान, छोटे मुखिया, अफाक अहम्द, ठाकुर साह, जवाहर प्रसाद, रिखी साह, बृजेश यादव, आदी माले नेता शामिल थे।








