बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार की पांडुलिपियां हमारी समृद्ध परंपरा और ज्ञान-विरासत की अमूल्य धरोहर हैं
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। शहर में सांस्कृतिक धरोहरों की खोज को नई दिशा मिली है। कृष्णमोहन प्रसाद के निजी संरक्षण में हस्तलिखित ‘भागवत पुराण’ का एक दुर्लभ अंश प्राप्त हुआ है, जिसने इतिहास और संस्कृति प्रेमियों में खासा उत्साह पैदा कर दिया है।

इस महत्वपूर्ण खोज के उपलक्ष्य में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन स्वयं उनके आवास पर पहुंचे और पांडुलिपि का अवलोकन किया। वहीं इस पांडुलिपि को ज्ञान भारतम एप पर भी अपलोड किया गया। उन्होंने इस धरोहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार भी उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार की पांडुलिपियां हमारी समृद्ध परंपरा और ज्ञान-विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिनके पास भी इस प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां या ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित हैं, वे आगे आएं और सरकार के संरक्षण कार्यक्रम से जुड़कर इन्हें सुरक्षित कराने में सहयोग करें।प्रशासन द्वारा ऐसे दुर्लभ दस्तावेजों के संकलन, डिजिटलीकरण और संरक्षण की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं, ताकि जिले की ऐतिहासिक पहचान को सहेजा जा सके।








