बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
एटक जिला सम्मेलन में गरजा मजदूर वर्ग, श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल
चार श्रम कोड के खिलाफ एटक का एलान-ए-जंग, मजदूरों को संगठित होने का आह्वान
शहीदों को नमन, संघर्ष को समर्पण; एटक सम्मेलन में गूंजा मजदूर एकता का संदेश
मजदूरों के हक की लड़ाई होगी और तेज, एटक सम्मेलन में संघर्ष का संकल्प
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चंपारण जिले के ठाकुर रामनगर स्थित गल्लू चौधरी सभागार, बलिराम भवन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का छठा जिला सम्मेलन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

सम्मेलन की शुरुआत झंडोत्तोलन के साथ हुई, जहां पूर्व शिक्षक नेता रवींद्र किशोर राय ने संगठन का ध्वज फहराया। इसके बाद शहीद वेदी पर माल्यार्पण कर मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरे कार्यक्रम में मजदूर एकता, अधिकारों की रक्षा और संघर्ष को नई धार देने का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया। सम्मेलन के दौरान एटक के बिहार राज्य महासचिव अजय कुमार का सम्मान किया गया।

पूर्व शिक्षक नेता रवींद्र किशोर राय तथा रेलवे कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने उन्हें अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने संगठन की लंबी संघर्षशील परंपरा को याद करते हुए मजदूर आंदोलन को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए एटक के बिहार महासचिव अजय कुमार ने संगठन के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एटक देश का सबसे पुराना मजदूर संगठन है, जिसने हमेशा श्रमिकों, कर्मचारियों और मेहनतकश वर्ग की आवाज को बुलंद करने का काम किया है। उन्होंने वर्तमान दौर को मजदूर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते समय के साथ संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और संघर्षशील बनाने की आवश्यकता है। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा कि इन कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे और पूंजीपतियों को अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने इन श्रम संहिताओं को वापस लेने के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। अजय कुमार ने कहा कि आज देशभर में मजदूरों पर दमन बढ़ रहा है, श्रमिक नेताओं को जेल भेजा जा रहा है और विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में बाहरी एजेंसियों को प्रवेश देकर स्थायी रोजगार की व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। इससे लाखों मजदूरों और कर्मचारियों के सामने असुरक्षा और बेरोजगारी का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण श्रमिक वर्ग लगातार आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे समय में मजदूर संगठनों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने सभी संगठनों और श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी ताकत के बल पर श्रमिक विरोधी नीतियों का मुकाबला किया जा सकता है। अजय कुमार ने बताया कि एटक का आगामी राज्य सम्मेलन खगड़िया में तथा राष्ट्रीय सम्मेलन बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहा है। इन सम्मेलनों में देशभर के मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और श्रमिकों के हितों की रक्षा, श्रम कानूनों, रोजगार सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी तथा सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मजदूर आंदोलन को और अधिक संगठित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। सम्मेलन में संगठनात्मक मजबूती पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया, जो जिले में एटक की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, श्रमिकों की समस्याओं को उठाने तथा संगठन के विस्तार का कार्य करेगी। नई कमेटी से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की उम्मीद जताई गई। इस सम्मेलन में विभिन्न श्रमिक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, विद्यालय रसोइयों, घरेलू कामकाजी महिलाओं, 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों, सफाई कर्मियों, पोलदार यूनियन, चीनी मिल खेत मजदूरों, कर्मचारी संघों तथा अन्य श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और चुनौतियों को सम्मेलन के समक्ष रखा। वक्ताओं ने कहा कि महंगाई, अस्थायी रोजगार, कम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की कमी जैसे मुद्दे आज भी श्रमिक वर्ग के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने मजदूर हितों की रक्षा, श्रमिक अधिकारों के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक श्रमिकों को सम्मानजनक मजदूरी, सुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र पांडेय और लालबाबू राम ने संयुक्त रूप से की। सम्मेलन का समापन मजदूर एकता, संगठन विस्तार और संघर्ष को नई गति देने के संकल्प के साथ हुआ। पूरे सम्मेलन में मजदूर एकता जिंदाबाद और श्रमिक अधिकारों की रक्षा करो जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही, जिसने श्रमिक आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।








