पटना से विशेष ब्यूरो रिपोर्ट :
वीडियो में पुलिसकर्मी द्वारा एक आरोपी की कमर में पिस्टल डालते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव से दो कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी द्वारा एक आरोपी की कमर में पिस्टल डालते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे। मामले ने तूल पकड़ने के बाद बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस का पक्ष मीडिया के सामने रखा और वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत 20 जून को बरियारपुर गांव में बच्चों के आपसी विवाद से हुई थी। बच्चों के बीच शुरू हुआ झगड़ा बाद में दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष जब शिकायत करने दूसरे पक्ष के घर पहुंचा तो वहां मौजूद एक महिला ने गांव के कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह को फोन कर बुला लिया। इसके बाद दोनों मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए थे, जिसके आधार पर बलिया थाना में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। डीएसपी के अनुसार शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि सोनू और मोनू अपने घर के समीप मौजूद हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि जब टीम ने कार्रवाई शुरू की तो दोनों आरोपियों ने पुलिस को देखकर हथियार निकाल लिए और पुलिस दल पर पिस्टल तानकर धमकी देने लगे। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद किए गए।








