बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-नरकटियागंज रेलखंड पर मंगलवार सुबह एक फिशिंग कैट घायल अवस्था में मिला।

ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान फिशिंग कैट के हमले में दो वनकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव ने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर रिहायशी इलाके में पहुंचे फिशिंग कैट को सोमवार शाम पिपरा गांव स्थित विकास वैभव चौक पर देखा गया था। “मैंने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रात करीब 11 बजे तक उसकी तलाश करती रही, लेकिन उसका पता नहीं चल सका,” उन्होंने कहा। यादव के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि तिरहुत नहर स्थित रेलवे पुल पर कौए शोर मचा रहे हैं। “मैं अन्य ग्रामीणों के साथ वहां पहुंचा और बाघ जैसे दिखने वाले जानवर को देखकर इसकी सूचना वन विभाग को दी। पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि वह ट्रेन की चपेट में आने से मर चुका है, लेकिन वन विभाग की टीम के पहुंचने पर वह घायल अवस्था में मिला,” उन्होंने बताया। बगहा के रेंजर श्री मालाकार ने बताया कि फिशिंग कैट दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाने वाली जंगली बिल्ली की एक दुर्लभ प्रजाति है। यह प्रायः झीलों, नदियों और दलदली क्षेत्रों के आसपास रहती है तथा मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों का शिकार करती है। उन्होंने बताया कि संभवतः यह जानवर हरहा नहर के किनारे-किनारे भटकते हुए बगहा-नरकटियागंज रेलखंड के तिरहुत नहर पर बने रेलवे पुल संख्या-349 तक पहुंच गया था। रेलवे पुल पर ट्रेन के गुजरने की आशंका के बीच रेस्क्यू अभियान काफी जोखिम भरा रहा। घटना की सूचना बगहा स्टेशन मास्टर को भी दी गई, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान भी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान फिशिंग कैट ने दो वनकर्मियों के हाथों पर पंजा मार दिया, जिससे वे मामूली रूप से घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने घायल फिशिंग कैट का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसका प्राथमिक उपचार किया और बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।








