विशेष ब्यूरो पटंना की रिपोर्ट :
प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए सैंकड़ों पुलिस बल किये गये थे तैनात
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। प्रदर्शनकारी छात्रों के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बुधवार दोपहर बाद बिहार विधानमंडल की सुरक्षा बढ़ा दी है। छात्रों को विधानमंडल परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए विधानसभा और विधान परिषद के दोनों गेट बंद कर दिए गए हैं।

पूरे विधानसभा परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रदर्शन को देखते हुए बिहार विधानमंडल परिसर पूरी तरह छावनी में तब्दील नजर आया। यहाँ तक कि सदन के भीतर मौजूद विधायकों को भी बाहर निकलने नहीं दिया गया क्योंकि बेली रोड पूरी तरह से आंदोलनकारियों के गिरफ्त में रहा। दरअसल, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के बीच बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र पटना की सड़कों पर उतरे। पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे राजधानी के कई प्रमुख इलाकों तक फैल गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने गांधी मैदान से मार्च शुरू किया।

पुलिस ने छात्रों को जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की सूचना है।पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्रों का आंदोलन थमा नहीं। प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा होते हुए सचिवालय के पास बेली रोड तक पहुंच गए। यहां छात्रों ने सड़क जाम कर दी, जिससे पटना की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डाकबंगला चौराहे पर छात्रों को समझाने के लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्रों के आंदोलन के बिहार विधानमंडल के आसपास तक पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा और विधान परिषद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए दोनों गेट बंद कर दिए गए। विधानमंडल परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान वहां से गुजर रहे एक बीजेपी विधायक को भी छात्रों ने रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आगे जाने नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कुछ पत्रकारों के साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी का आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ पत्रकारों की हूटिंग की गई, जबकि एक पत्रकार के सिर में चोट भी लगी। इस घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।








