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Post: NEET पेपर लीक पर बेतिया में छात्र-युवाओं ने भरा हुंकार

NEET पेपर लीक पर बेतिया में छात्र-युवाओं ने भरा हुंकार

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

AISF-AIYF के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत निकला विशाल प्रतिरोध मार्च

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है, जबकि न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करना और गिरफ्तारियां लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत बेतिया में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को ले, छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारियों के विरोध में विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

फोटो : मोहन सिंह

यह मार्च शहीद पार्क से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है, जबकि न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करना और गिरफ्तारियां लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने में लगी है। मार्च के दौरान “शिक्षा बचाओ–भविष्य बचाओ”, “पेपर लीक बंद करो”, “छात्रों पर दमन बंद करो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “गिरफ्तार छात्रों को रिहा करो” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा। AISF और AIYF ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें, नीट पेपर लीक की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए, आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे अविलंब वापस लिए जाएं, गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा देशभर में पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए चलाए जा रहे राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।

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