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Post: पश्चिम चंपारण के बाद मुजफ्फरपुर में बाढ़ का खतरा! साहेबगंज में घरों तक पहुंचा गंडक का पानी

पश्चिम चंपारण के बाद मुजफ्फरपुर में बाढ़ का खतरा! साहेबगंज में घरों तक पहुंचा गंडक का पानी

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना

जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार देर शाम करीब 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए पानी के मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद साहेबगंज प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात बन गए है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रखंड के कई निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। कई जगहों पर पानी लोगों के घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार देर शाम करीब 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी रविवार को साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र में पहुंचा. गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के बाद प्रखंड के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा। माधोपुर हजारी पंचायत के वार्ड संख्या 4 और बंगरा निजामत पंचायत के वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 6 के निचले हिस्सों में पानी घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने के कारण इन इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का असर प्रखंड के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। बताया जा रहा है कि साहेबगंज प्रखंड के करीब 70 प्रतिशत खेतों में बाढ़ का पानी फैल गया है. खेतों में पानी जमा होने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है. निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने घरों और सामान को सुरक्षित रखने में जुटे है। पशुपालकों के सामने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की भी चुनौती पैदा हो गई है। पानी फैलने के कारण कई निचले इलाकों में लोगों का आवागमन भी प्रभावित होने लगा है। रूप छपरा पंचायत के निचले हिस्सों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है. सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी आने के बाद ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झोपड़ियों और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई है। पानी लगातार बढ़ने की स्थिति में इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार तक गंडक नदी का जलस्तर घटकर करीब 1.30 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है। जलस्तर में कमी आने के बाद साहेबगंज प्रखंड के प्रभावित इलाकों में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पानी साहेबगंज प्रखंड की सात पंचायतों से होकर रेवा की ओर बढ़ेगा। जलस्तर घटने के साथ ही प्रभावित इलाकों से पानी निकलने की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। बाढ़ का पानी फैलने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित पंचायतों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव की व्यवस्था की जाए। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के कारण साहेबगंज प्रखंड में फिलहाल बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। ग्रामीण पानी के घटने का इंतजार कर रहे है, जबकि प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है।

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