AMIT LEKH

Post: सीवान अपहरण और दुष्कर्म मामले में आया नया मोड़

सीवान अपहरण और दुष्कर्म मामले में आया नया मोड़

रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना

झूठी कहानी का पर्दाफाश : सीवान अपहरण और दुष्कर्म मामला, खाकी की तफ्तीश में बेनकाब हुआ सच, ऐसे खुला पोल

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। सीवान के महादेवा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े दो बहनों के अगवा होने और दरिंदगी की जिस दास्तान ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था, खाकी की मुस्तैद तफ्तीश के बाद उसकी पूरी बुनियाद भरभराकर ढह गई है। शुरुआती इत्तला में जिसे राह चलते बदमाशों की हिमाकत बताया जा रहा था, तफ्तीश के आगे उस कहानी का सच बेनकाब हो गया। मामले की संगीनी को देखते हुए एसपी पूरन कुमार झा के फरमान पर बनी चार अलग-अलग टीमों ने जब जरायम के इस जाल की परतें उधेड़ीं, तो मामला आपसी जान-पहचान और होटल के बंद कमरे में हुई वारदात का निकला। घटना की भयानकता को देखते हुए महकमे के कप्तान ने तुरंत कार्रवाई का हुक्म जारी किया। पहली टीम मुफस्सिल थाना इंचार्ज की निगरानी बनाई गई, दूसरी टीम को महादेवा थाना इंचार्ज की अगुआई में सीसीटीवी फुटेज खंगालने का जिम्मा सौंपा गया, तीसरी टीम में महिला थाना एसएचओ को पीड़िता का बयान कलमबंद करने के लिए तैनात किया गया और चौथी टीम की कमान नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अविनाश को सौंपी गई।जब इन चारों टीमों ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो शुरुआती अफवाहों और बयानों से बिलकुल अलग ही माजरा सामने आया। एसपी पूरन कुमार झा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जांच में यह बात साफ हुई कि आरोपी और पीड़िता पहले से ही एक-दूसरे से वाकिफ थे। शनिवार को पीड़िता अपनी चचेरी बहन के साथ वीएम हाई स्कूल मैदान के पास पहुंची थी, जहां पहले से मौजूद स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने उन्हें गाड़ी में बैठाया। इसके बाद सदर अस्पताल होते हुए गाड़ी सीधे होटल मनपसंद पहुंची। होटल के सीसीटीवी कैमरों की तफ्तीश में साफ नजर आया कि युवक पहले अंदर दाखिल हुए और उनके पीछे-पीछे दोनों बहनें भी बिना किसी दबाव के खुद चलकर अंदर गईं। होटल के बंद कमरे में इस संगीन वारदात को अंजाम दिया गया। इस दौरान पीड़िता के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट आई और तेज ब्लीडिंग शुरू हो गई। लड़की ने शुरू में इस मामले को छुपाने की कोशिश की, लेकिन जब खून का रिसाव बंद नहीं हुआ तो उसने घबराकर परिजनों और फिर ‘डायल-112’ पर पुलिस को इत्तला दी। सदर अस्पताल में इलाज कर रही ऑन-ड्यूटी डॉक्टर के मुताबिक, इंटरनल डैमेज ज्यादा होने के कारण ब्लीडिंग रोकने के लिए पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में दो टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इतना हीं नहीं होटल का बिल आरोपी अभिषेक ने डिजिटल माध्यम पे फोन से भुगतान किया। पुलिस टीम ने वारदात के तुरंत बाद होटल मनपसंद के कमरे पर दबिश दी और वहां से खून से सने चद्दर समेत तमाम फॉरेंसिक सबूत अपने कब्जे में ले लिए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियोंअभिषेक वर्णवाल और उसके साथी सुजीत को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। दोनो सीवान के बलेथा के रहने वाले हैं। शुरुआती मनगढ़ंत कहानी के उलट, खाकी ने अपनी मुस्तैदी से न सिर्फ मामले की पूरी सच्चाई उजागर की, बल्कि मुल्जिमों की गर्दन तक कानूनी शिकंजा भी पूरी तरह कस दिया है।

Leave a Reply

Recent Post