रिपोर्ट : विशेष ब्यूरो, पटना
गौरतलब है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रमुख योजना थी, बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के तहत 2 अक्टूबर 2016 से लागू है
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (विशेष ब्यूरो)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने छात्रों के लिए जारी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण नहीं मिल सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 19 अगस्त को जारी नए आदेश के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 2 लाख रुपये ही मिलेंगे जबकि इससे अधिक के शिक्षा ऋण के लिए छात्रों को अब PM-Vidyalaxmi Portal के माध्यम से आवेदन करना होगा। गौरतलब है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रमुख योजना थी, बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के तहत 2 अक्टूबर 2016 से लागू है। इसका उद्देश्य 12वीं पास विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू होने के बाद अब तक 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4.15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करीब 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसी अवधि में लगभग 15,801 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। योजना के पोर्टल पर बिहार और राज्य के बाहर के कुल 3,429 शिक्षण संस्थानों को सूचीबद्ध किया गया है। विभाग ने नए आदेश में कहा है कि योजना के क्रियान्वयन से मिले अनुभवों और उपलब्धियों के आधार पर इसे मौजूदा परिस्थितियों में अधिक प्रभावी, लक्षित और वित्तीय रूप से सतत बनाने के उद्देश्य से पुनर्गठित किया जाना आवश्यक है। PM-Vidyalaxmi Portal के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के जरिए पूरी की जाएगी। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पोर्टल पर उपलब्ध वाणिज्यिक बैंक और उसकी शाखा का चयन कर सकेंगे। इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों पर छात्रों को आवेदन करने की मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज और छात्राओं, दिव्यांग तथा ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए 1 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान रहा है। अब 2 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए विद्या लक्ष्मी पोर्टल से बैंकिंग व्यवस्था के तहत आवेदन करना होगा। नए प्रावधान में बैंकों के माध्यम से वितरित शिक्षा ऋण पर अध्ययन अवधि और मोरेटोरियम अवधि के दौरान देय ब्याज पर निर्धारित शर्तों के तहत Interest Subvention यानी ब्याज अनुदान का प्रावधान किया गया है। नियमित और समयबद्ध तरीके से ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 30 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन (Interest Rebate) दिया जाएगा। छात्राओं, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान है। विभाग ने कहा है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदार ऋण व्यवहार, क्रेडिट हिस्ट्री के निर्माण और उन्हें औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से दीर्घकालिक रूप से जोड़ना भी है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख से घटाकर 2 लाख रुपये किए जाने से उन छात्रों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अधिक राशि की जरूरत है। अब ऐसे छात्रों को 2 लाख रुपये से ऊपर की जरूरत पूरी करने के लिए PM-Vidyalaxmi Portal और बैंकिंग व्यवस्था का सहारा लेना होगा। वर्तमान में 17.1 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह करीब 28.4 प्रतिशत है। राज्य सरकार का लक्ष्य इसे राष्ट्रीय औसत के बराबर लाते हुए 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। ऐसे में शिक्षा ऋण की नई व्यवस्था का असर उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने के लक्ष्य पर कितना पड़ता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा। PM-Vidyalaxmi योजना केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2015 को शुरू की थी। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर दाखिला लेने वाले छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र छात्रों को collateral-free और guarantor-free education loan की सुविधा दी जाती है। कि PM-Vidyalaxmi पर कोई एक निश्चित ब्याज दर तय नहीं है। वास्तविक ब्याज दर संबंधित बैंक तय करता है और बैंक के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। हालांकि योजना के तहत 8 लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय वाले पात्र छात्रों को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर मोरेटोरियम अवधि में 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं 4.5 लाख रुपये तक वार्षिक पारिवारिक आय वाले पात्र छात्रों को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान पूरी ब्याज सब्सिडी मिल सकती है, निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन।








