संकलन : उप-संपादक, छपरा
गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने पर जोर
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
छपरा, (सारण)। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्तरीय संबंधित पदाधिकारियों के साथ हाइब्रिड मोड में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रचार-प्रसार, अधिक से अधिक आवेदन सृजन, लंबित ऋण आवेदनों के निष्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पूरी तरह जनहितकारी योजना है। सोलर रूफटॉप लगाने से परिवारों के बिजली खर्च में कमी आती है तथा लाभुकों को योजना के तहत वित्तीय सहायता और सब्सिडी का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग योजना से पूरी तरह अवगत नहीं हैं। ऐसे में गांव-गांव और घर-घर व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पंचायत एवं गांव स्तर पर डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाने तथा कम से कम 200 यूनिट या उससे अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की पहचान करने का निर्देश दिया। ऐसे उपभोक्ताओं को विशेष शिविरों में बुलाकर योजना के तहत आवेदन कराने के साथ आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। जिला पदाधिकारी ने विकास मित्र, आशा कार्यकर्ता, जीविका कर्मी, पंचायत रोजगार सेवक सहित पंचायत स्तर के सभी कर्मियों को सक्रिय रूप से क्षेत्र में भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को योजना के लाभ, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सब्सिडी की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने और उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया। साथ ही जनप्रतिनिधियों को स्वयं योजना के तहत आवेदन करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से आम लोगों में योजना के प्रति विश्वास और जागरूकता को और बढ़ाया जा सकता है। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बैंकिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र के बैंकर्स के साथ नियमित समन्वय बैठक करने का निर्देश दिया, ताकि आवेदनों के निष्पादन और ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में बेहतर सहयोग करने वाली तथा अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाली बैंक शाखाओं की जानकारी बैंक और शाखा के नाम सहित जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बैंक के उच्चाधिकारियों, मुख्य महाप्रबंधक और एसएलबीसी स्तर पर भी मामले को उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित एवं अस्वीकृत आवेदनों की बैंकवार समीक्षा करने तथा बैंक प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके शीघ्र निष्पादन की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ₹2 लाख तक के ऋण के संबंध में सिबिल स्कोर एवं आईटीआर को लेकर बैंकों को प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्रवाई की जानी है। इस मामले में अनावश्यक अड़चन उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए। जिला पदाधिकारी ने सारण जिले को प्राप्त 19,000 के लक्ष्य के अनुरूप सभी प्रखंडों में प्रखंडवार लक्ष्य आवंटित करने का निर्देश दिया। योजना की धीमी प्रगति वाले कुछ प्रखंडों के प्रति उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित पदाधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। वहीं, जिन प्रखंडों में आवेदन सृजन की स्थिति संतोषजनक पाई गई, वहां अपनाई जा रही कार्य-रणनीति की जानकारी भी ली गई, ताकि सफल कार्यप्रणाली को अन्य प्रखंडों में लागू किया जा सके। जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और क्षेत्र स्तर पर नियमित निगरानी करते हुए आवेदन सृजन, ऋण स्वीकृति तथा योजना के क्रियान्वयन में तेजी सुनिश्चित करें। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय संबंधित पदाधिकारी एवं जेई हाइब्रिड माध्यम से उपस्थित रहे।








