रिपोर्ट : न्यूज़ ब्यूरो, इंडो-नेपाल बॉर्डर
कांवड़ियों के जयघोष से गूंजा वाल्मीकिनगर, सुविधाओं के नाम पर व्यवस्था अब भी सवालों के घेरे में
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
वाल्मीकिनगर,(संतोष कुमार)। सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को लेकर वाल्मीकिनगर में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। शनिवार और रविवार से ही बड़ी संख्या में कांवड़ियों एवं शिवभक्तों का आगमन शुरू हो गया, जिससे पूरा वाल्मीकि नगर भगवामय नजर आने लगा है।

उत्तर भारत की पंचांग गणना के अनुसार 24 अगस्त 2026 को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार है। सड़कों पर चारों ओर भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़िये, हाथों में कांवड़ और जुबां पर ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘बोल बम’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय ग्रामीण भी भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आ रहे हैं। शनिवार और रविवार को वाल्मीकिनगर में जिस तरह कांवड़ियों का रेला देखने को मिला, उससे क्षेत्र में एक बड़े धार्मिक आयोजन जैसा माहौल बन गया है। जगह-जगह शिवभक्तों की भीड़ और लगातार गूंजते जयघोष ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी है।
आस्था अपार, लेकिन सुविधाएं नदारद
एक तरफ श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाल्मीकिनगर में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, यातायात व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
श्रद्धालु हजारों किलोमीटर की यात्रा और कठिनाइयों के बीच भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक की आस्था लेकर वाल्मीकि नगर पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। भक्ति में कोई कमी नहीं, श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं—कमी अगर दिख रही है तो वह सुविधाओं की है। अब सवाल यही है कि इतनी बड़ी संख्या में उमड़े शिवभक्तों के लिए प्रशासन और जिम्मेदार संस्थाओं की ओर से पर्याप्त व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है। फिलहाल वाल्मीकिनगर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहा है और पूरा क्षेत्र भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा हुआ है।








