गोरखपुर जाते क्रम में अनायास हृदय गति रुकने से हुयी मौत
दबे कुचले जमात के होठों से मुस्कान हो चली गायब
कभी भूत पूर्व पीएम चंद्रशेखर ने चम्पारण के गाँधी का सम्बोधन दिया था अम्बिका सिंह को
बिहार के छोटे साहब भूतपूर्व बिहार के सीएम सत्येंद्र नारायण सिंह के सानिध्य में राजनीति में रखा था कदम
संघर्षपूर्ण ज़िन्दगी से रूबरू होते मूंद ली आँखें
अमिट लेख परिवार ने दी विनम्र श्रद्धांजलि 🌹🌹
✍️ जगमोहन काज़ी, संवाददाता
– अमिट लेख
बगहा, (प. चम्पारण)। “तुम चले तो, साथ देने को बहारें चल पड़ी, हम चले तो राह के गुल भी कंटीले हो गये” के तर्ज़ पर पश्चिम चम्पारण के नामी शख्सियत अम्बिका सिंह शनिवार को दिन के ग्यारह बजकर चालीस मिनट पर अचानक करिश्मायी अंदाज़ में अपनी आँखे सदा के लिए मूंद लिए। जानकारी के मुताबिक सुबह अपने घर ओझवलिया से किसी विशेष कार्य हेतु गोरखपुर के लिए ट्रेन पकड़ने निकले अम्बिका बाबू पर बगहा रेलवे स्टेशन पर दिन के करीब सवा ग्यारह बजे अचानक काल ने अपना पाश फेंक दिया। जानकारों के अनुसार आज बड़े हीं प्रसन्न चित्त इस समाजसेवी ने अपने करीबी जनों क्रमशः गजेंद्र सिंह, अधिवक्ता प्रकाश यादव सरीखे लोगों से बगहा कचहरी जाकर विधिवत मुलाक़ात करते रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पहुंचे हीं थे की, अचानक गिर पड़े। कोई कुछ समझ पाता, अचेत अवस्था में अस्सी दशक के शोषित दलितों के इस मसीहा को एक गुमनाम शख्सियत की भांति राजकीय रेलवे पुलिस ने इनके एक सहयोगी के हवाले से अनुमंडलीय अस्पताल बगहा आनन फानन में पहुँचवाया। परन्तु आपातकालीन उपचार जबतक प्रारम्भ होता उन्होंने आँखे मूंद ली। अचानक हुयी मौत से आम तबके में खलबली सी मची और देर रात्रि तक इनके चहेते लोगों पर इनके निवास पर आने जाने और संवेदना व्यक्त करने का ताँता लगा रहा। अन्याय के खिलाफ सदैव से जेहादी गिने जाने वाले पश्चिम चम्पारण के इस समाजसेवी ने पांच संतानों में बहरहाल दो पुत्र और दो पुत्रीयों का भरा पूरा परिवार छोड़ा है। इनके संतानों में सबसे ज्येष्ठ इनकी एक पुत्री अर्चना राव डेढ़ साल पूर्व काल कलवित हो चली हैं। इनके ज्येष्ठ पुत्र अमरेश सिंह अमिट लेख के संपादक और प्रकाशक हैं। जबकि एक पुत्र अमितेश सिंह किसानी के कार्य में अभिरूचि रखते तो तीसरी संतान वंदना सिंह भीतहां प्रखंड के खैरवां राजकीय उतक्रमित हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रधान शिक्षक हैं और सबसे छोटी पुत्री अपर्णा सिंह फरीदाबाद में सेटल्ड हैं। लिहाजा, अमिट लेख परिवार ने सामूहिक निर्णय से आगामी तीन दिनों तक दिवंगत आत्मा की शांति हेतु विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने के निमित्त प्रकाशन बंद रखने का निर्णय लिया है। जिसक्रम में केवल विशेष और प्रमुख समाचार हीं प्रकाशित किये जाएंगे।








