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Post: पश्चिम चंपारण के बगहा- 2, योगापट्टी व मधुबनी प्रखंडों के कई गांव में जारी है गंडक का कटाव

पश्चिम चंपारण के बगहा- 2, योगापट्टी व मधुबनी प्रखंडों के कई गांव में जारी है गंडक का कटाव

रिपोर्ट : उप-संपादक, बेतिया डेस्क

दहशत में ग्रामीण 

बगहा-2 प्रखंड के मंगलपुर और योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर के साथ-साथ मधुबनी प्रखंड के रेवहिया और चिउराही गांव में कटाव से ग्रामीणों में दहशत है

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। बगहा-2 प्रखंड के मंगलपुर और योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर के साथ-साथ मधुबनी प्रखंड के रेवहिया और चिउराही गांव में कटाव से ग्रामीणों में दहशत है। मंगलवार को योगापट्टी प्रखंड के सिसवा गांव में एक पक्का मकान देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह नदी की धारा में समा गया। वहीं, रेवहिया गांव में भी एक झोपड़ी नदी में विलीन हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, मधुबनी प्रखंड के चिउराही और रेवहिया गांव में गंडक नदी अब तक दर्जनों लोगों के आशियाने को अपने आगोश में ले चुकी है। इसके अलावा कई एकड़ में लगी गन्ने की फसल भी नदी में बह गई है। मुखिया विजय यादव ने बताया कि कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि कटावरोधी कार्य भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। योगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव निवासी विनोद पटेल ने बताया कि गंडक नदी पिछले करीब 15 दिनों से लगातार कटाव कर रही है। उनके अनुसार, इस दौरान पंचायत के करीब 40 से 45 घर कटाव की चपेट में आ चुके हैं। पंचायत की आबादी करीब 300 है और अब भी बड़ी संख्या में लोगों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। विनोद पटेल ने बताया कि मंगलवार को उनका अपना मकान भी गंडक नदी की धारा में समा गया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों के सामने घर और जमीन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।हालांकि, योगापट्टी के अंचलाधिकारी विक्रम सिंह ने ग्रामीणों के दावों से अलग आंकड़े बताए। उन्होंने कहा कि कटाव से करीब 3-4 पक्के मकान और 15-20 मड़ई (कच्चे मकान) प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, प्रभावित लोगों में करीब 80 प्रतिशत के पास दूसरी पंचायतों या प्रखंड में जमीन अथवा मकान उपलब्ध है।सीओ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में केवल 2-3 परिवार ही पूरी तरह भूमिहीन हैं। सरकार की ओर से भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित की जा चुकी है और जल्द ही उन्हें आवंटित जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाएगा। अंचलाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि सिसवा मंगलपुर पंचायत का यह पूरा क्षेत्र नदी के रिवर बेड (NSL) में आता है। मुख्य तटबंध पंचायत से करीब तीन किलोमीटर दूर बना हुआ है। ऐसे में रिवर बेड के भीतर नया तटबंध बनाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कटाव रोकने और स्थिति की निगरानी के लिए कार्यपालक अभियंता (EE) और सहायक अभियंता (AE) की टीम मौके पर तैनात है। सुरक्षा और आवाजाही के लिए सरकारी नाव तथा लाइफ जैकेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।

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