रिपोर्ट : छपरा डेस्क : 30 सितम्बर 2026
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
तटबंध में करीब 50 फीट का कटाव होने के बाद पानी तेजी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैल रहा है
न्यूज़ डेस्क. ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
छपरा/मकेर, (सारण)। बिहार के सारण जिले के मकेर प्रखंड के हैजलपुर गांव के समीप गंडक नदी का मुख्य सारण तटबंध टूटने से क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा गया है। तटबंध में करीब 50 फीट का कटाव होने के बाद पानी तेजी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैल रहा है। कई पंचायतों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है।

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया। प्रशासन के अनुसार, मकेर में दो स्थानों पर तटबंध में ब्रीच की सूचना मिली है। इससे पहले तटबंध के करीब 40 से 50 स्थानों पर रिसाव की शिकायत मिली थी, जिसे प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर दुरुस्त किया था।
नावों से लोगों को सुरक्षित निकाल रही टीमें :
बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के कारण कई गांवों, खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी पहुंच गया है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तैनात की गई हैं। दोनों टीमें नावों के माध्यम से प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जिन इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है, वहां रहने वाले लोग तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
तीन जगह शुरू हुआ सामुदायिक रसोई घर :
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मकेर में तीन स्थानों पर सामुदायिक रसोईघर शुरू किए गए हैं। वहीं राहत सामग्री के तहत पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी शुरू किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, शाम से पशु चारा वितरण भी शुरू किया जाएगा।
तरैया-पानापुर में भी तटबंध पर निगरानी :
मकेर के अलावा तरैया और पानापुर क्षेत्र में भी तटबंध में रिसाव की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीमें भेजी गई हैं। प्रभावित स्थानों पर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। तरैया में भी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम तैनात कर प्रभावित पंचायतों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए वैशाली से पांच बड़ी नावें मंगाई गई हैं। सोनपुर से भी बड़ी नावें पहुंच रही हैं। इन नावों का उपयोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के साथ तटबंध की मरम्मत के लिए किया जाएगा।
सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील :
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थलों पर जाने की अपील की है। सुरक्षित स्थानों की पहचान कर ली गई है और माइकिंग के माध्यम से लगातार लोगों को इसकी जानकारी दी जा रही है। फिलहाल मकेर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। पानी कम होने के बाद बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, राज्य सरकार के प्रावधानों के तहत पात्र प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी की जाएगी।








