रिपोर्ट : बेतिया डेस्क, 03 नवंबर 2026
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी जी ने उपस्थित जीविका दीदियों को नशे के दुष्परिणामों, इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं बिहार सरकार की आपसी सहमति से संचालित “नशा मुक्त बिहार अभियान 2026” के अंतर्गत चनपटिया प्रखंड में जीविका दीदियों के संगठन के बीच नशा मुक्ति एवं राजयोग मेडिटेशन पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी जी ने उपस्थित जीविका दीदियों को नशे के दुष्परिणामों, इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की आदत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इससे मुक्ति पाने के लिए दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच, आत्मबल और आध्यात्मिक जागरूकता आवश्यक है। इस अवसर पर दीदी जी ने राजयोग मेडिटेशन का महत्व समझाते हुए सभी बहनों को मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा शांति, एकाग्रता, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति की अनुभूति कराई। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति अपनी सोच और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित “जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह” ने बिहार सरकार एवं ब्रह्माकुमारी संस्था से आए सभी भाई-बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अध्यात्म और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। यदि सभी मिलकर इस दिशा में निरंतर कार्य करें, तो एक सकारात्मक, स्वस्थ एवं स्वच्छ बिहार की संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम के शुरू में जिला पदाधिकारी ने सभी जीविका दीदीयो के साथ नशा मुक्त बिहार की प्रतिज्ञा कराया :
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि “नशामुक्त व्यक्ति, सशक्त परिवार और जागरूक समाज ही एक स्वस्थ एवं समृद्ध बिहार की आधारशिला हैं”। इस अभियान के माध्यम से जीविका दीदियों से भी अपील की गई कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाएं तथा अपने परिवार और समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाकर जन-जागरूकता की मजबूत कड़ी बनें।

