रिपोर्ट : छपरा डेस्क, 07 नवम्बर 2026
जहानाबाद में डीईओ, अरवल और पटना में डीपीओ के रूप में भी संभाल चुकी हैं जिम्मेदारी
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना/छपरा। सारण जिले की बेटी सरस्वती कुमारी को राजधानी पटना का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना जैसे बड़े और महत्वपूर्ण जिले की शिक्षा व्यवस्था की कमान मिलने से सारण जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। मूल रूप से सारण जिले की रहने वाली सरस्वती कुमारी ने अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता, अनुभव और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर शिक्षा विभाग में विशिष्ट पहचान बनाई है। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने जिला स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके पति आकाशदीप बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे बिहार सरकार के महाधिवक्ता के आप्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा विभाग के सचिवालय में भी निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी :
पटना का जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाए जाने से पहले सरस्वती कुमारी विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के सचिवालय में अवकाश रक्षित पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित थीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग में विशेष सचिव की विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वे मध्याह्न भोजन योजना की उपनिदेशक के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।राज्य मुख्यालय में इन महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के दौरान उन्हें शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और शैक्षणिक व्यवस्था के संचालन का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।
जहानाबाद में डीईओ तो अरवल और पटना में रह चुकी हैं डीपीओ :
राज्य मुख्यालय में पदस्थापन से पहले सरस्वती कुमारी जिला स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। वे जहानाबाद जिले की जिला शिक्षा पदाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा अरवल और पटना जिले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। पटना जिले में पूर्व में डीपीओ के रूप में कार्य करने के कारण उन्हें यहां की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था की अच्छी जानकारी है।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना होगी प्राथमिकता :
पटना की नई जिला शिक्षा पदाधिकारी के रूप में सरस्वती कुमारी के सामने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, विद्यालयों का नियमित संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने तथा सरकार की शैक्षणिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। उनके पूर्व के प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पटना जिले की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। सारण जिले के सीनियर जर्नलिस्ट डीएस तोमर एवं के. के. सिंह सेंगर ने कहा है कि सारण जिले की बेटी सरस्वती कुमारी की इस उपलब्धि पर जिले के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से न केवल सारण जिले का गौरव बढ़ा है, बल्कि यह बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।

