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हेड कॉन्स्टेबल सत्यरंजन जिंदगी की जंग गए हार

एसएसबी जवान की मुंबई में इलाज के दौरान मौत शव पहुंचे ही घर में मचा कोहराम

न्यूज़ डेस्क,सुपौल

संतोष कुमार,अनुमंडल ब्यूरो

अमिट लेख

त्रिवेणीगंज(सुपौल) अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र के पथरा गौरधय पंचायत के भूड़ा गांव निवासी स्व.बाबू जी प्रसाद यादव के छोटा पुत्र सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल एसएसबी के हेड कॉन्स्टेबल मृतक सत्यरंजन कुमार उम्र 40 वर्ष का बीते गुरुवार को उनके गांव में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान सत्यरंजन की बीते बुधवार को मुंबई स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मौत की खबर सुनकर सुबह से ही लोग बेचैन थे।

सभी इस गांव के लाल के अंतिम दर्शन के लिए अपने-अपने दरवाजे पर आंखों में आंसू लिए खड़े थे। इसी बीच तिरंगे में लिपटा सशस्त्र सीमा बल के सत्यरंजन का शव गांव में जैसे ही एसएसबी के वाहन से पहुंचा कोहराम मच गया। परिजनों के चीत्कार से मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था। पत्नी नूतन रानी व वृद्ध विधवा मां अनारी देवी शव से लिपट कर रो रही थी। पूरे सम्मान के साथ एसएसबी के अधिकारियों ने शव को परिजनों को सौपा। उसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। एसएसबी के जवानों ने उन्हें सलामी दी। ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को अंतिम संस्कार के लिए लेकर पहुंचे।

अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने सत्यरंजन कुमार अमर रहे भारत माता के नारे लगाए। जब 10 वर्षीय एकलौता पुत्र आरुष कुमार ने पिता को मुखाग्रि दी तो हर आंखें नम हो गई। लोग इस बात की चर्चा करते रहे कि गांव का एक होनहार लाल नहीं रहा। वरना देश की सेवा का जज्बा लिए सत्यरंजन ने एसएसबी को ज्वाइन किया। लेकिन देश सेवा का जज्बा बीच में ही रूक गया। और जवान सत्यरंजन ने अचानक दुनिया को ही अलविदा कर दिया। सत्यरंजन की अचानक बीमार पड़ने के कारण इलाज के दौरान मुंबई में मौत हो गई। बावजूद इसके घर के लोगों को इस बात का गुमान है कि कर्तव्य पथ पर ही सत्यरंजन की जान गई। इन सबके बीच परिवार के लोगों की हालत खराब है।

जो जहां हैं वहीं तड़प रहा है। लगभग 70 बर्षीय विधवा मां पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पूरा गांव शोक में डूबा है। सबकी जुबान पर एक ही बात समय से पहले ईश्वर ने यह क्या कर दिया। विदित हो कि एसएसबी के हेड कॉन्स्टेबल सत्यरंजन कुमार सुपौल जिले के मझाड़ी एसएसबी कैम्प में तैनात थे। अचानक ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उन्हें बीते 24 नवम्बर को मुंबई स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 6 दिसंबर को सत्यरंजन जिंदगी की जंग हार गए। सत्यरंजन की शादी नूतन रानी से हुई थी। उन्हें एक पुत्र 10 बर्षीय पुत्र आरुष और एक पुत्री 8 बर्षीय आरुषि है। सत्यरंजन दो भाई व दो बहन में सबसे से छोटे थे। लगभग 30 वर्ष पूर्व अचानक उनके पिता बाबू जी प्रसाद यादव की भी मौत हो गई थी।

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