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Post: बजट को लेकर क्या बोले नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा

बजट को लेकर क्या बोले नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा

प्रादेशिक विशेष ब्यूरो दिवाकर पाण्डेय की रिपोर्ट :

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार के अंतरिम बजट का स्वागत किया है

न्यूज डेस्क, राजधानी पटना

दिवाकर पाण्डेय

– अमिट लेख
पटना, (विशेष ब्यूरो)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार के अंतरिम बजट का स्वागत किया है। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सकारात्मक है। बजट में उच्च शिक्षा के लिए लोन की राशि बढ़ाई गई है जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होगी। तीन नये रेलवे इकोनॉमिक कोरिडोर की शुरुआत होने से देश का आर्थिक विकास और तीव्र गति से हो सकेगा। इससे लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी में सुधार होगा और लागत में कमी आयेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए विशेष आवास योजना लायेगी, जिसके तहत किराये के घरों एवं झुग्गी बस्तियों में रहनेवाले लोगों को आवास का लाभ मिल सकेगा। यह स्वागत योग्य कदम है। सीएम नीतीश ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिये स्टार्टअप के टैक्स स्लैब में एक साल के लिए छूट बढ़ाई गई है। जिससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास की गति बढ़ेगी साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मनरेगा का बजट 60 हजार करोड़ से बढ़ाकर 86 हजार करोड़ रुपये करना स्वागत योग्य है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जानेवाली राशि से किसानों को आर्थिक मदद मिली है, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। वहीं राज्य के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्रीय बजट से देश के साथ ही बिहार का समग्र विकास होगा। बजट में गांव के विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल ट्रांसफॉर्मेशन के रहे और भारतीय इकोनॉमी काफी तेज गति से आगे बढ़ी है। हाल के दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी बदलाव देखने को मिला है। पीएम मोदी ने जब 2014 में सत्ता संभाली थी, तब कई चुनौतियां थीं। जनता के हित में कई कार्यक्रम और योजनाए बनाई गईं, ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और लोगों को रोजगार मिल सके। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत अंतरिम बजट को दूरदर्शी, समावेशी एवं प्रगतिशील है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को फलीभूत करने में यह बजट सहायक होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण योजना एवं 80 करोड़ देशवासियों को निरंतर खाद्यान्न उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की जन सरोकार और समग्र विकास की सोच का प्रतिबिंब है। सरकार ने समावेशी विकास के तहत देश के हरेक वर्ग, धर्म और क्षेत्र को प्राथमिकता दी है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम देश का कोना-कोना प्रधानमंत्री की दिव्य सोच और योजनाओं से आच्छादित है। मं­त्री डॉ. प्रेम कुमार ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए मोदी सरकार के अंतरिम बजट को अमृत तुल्य एवं लोक कल्याणकारी बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों, युवाओं, एवं गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ करदाताओं, मध्यमवर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। पहली बार बजट में मध्यम वर्ग के लिए भी अपने स्वयं के मकान खरीदने या बनाने के लिए सहायता का प्रावधान करने की बात कही गई। किराए के मकानों या झुग्गी-झोपड़ी या चाल और अनधिकृत कॉलोनीओ में रहने वाले मध्यम वर्ग के पात्र लोगों के लिए विशेष योजना बनाकर सहायता प्रदान की जाएगी। पीएम आवास योजना-ग्रामीण योजना के तहत सरकार ने तीन करोड़ आवास बनाने का एलान किया है। इनमें से दो करोड़ आवास अगले पांच वर्षों में बनाए जाएंगे। रूफटॉप सौर ऊर्जा योजना के तहत 1 करोड़ घरों को 300 यूनिट बिजली हर महीने मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं भाकपा राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने अंतरिम बजट को जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की विदाई का बजट है। आमलोगों को आयकर में कोई राहत नहीं दी गई है। कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। किसान, छात्र, नौजवान, मजदूर, नौकरी पेशा वाले सहित सभी तबकों की अनदेखी की गई है। युवाओं को रोजगार देने की कोई बातें नहीं की गई है। कॉरपोरेट टैक्स में कटौती कर कॉरपोरेट के प्रति वफादारी दिखाई है। कर्ज रिकार्ड स्तर पर है और आम लोग महंगाई से त्रस्त हैं। बजट पूरी तरह निराशाजनक है।

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