



बेतिया से उप संपादक मोहन सिंह का चश्मा :
पश्चिम चंपारण में धान खरीद में धांधली के खिलाफ चलेगा आंदोलन : बिनोद यादव
न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चंपारण
मोहन सिंह
– अमिट लेख
बेतिया, (ए.एल.न्यूज़)। अखिल भारतीय किसान महासभा पश्चिम चंपारण की बैठक भगत सिंह-अंबेडकर भवन आइ.टी.आइ बेतिया में कॉमरेड सुरेश दुबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा किसान विरोधी एवं कॉरपोरेट पक्षी तीन काला क़ृषि कानूनों के खिलाफ देश में 13 महीने तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून को वापस लेना पड़ा था लेकिन भाजपा नीति केंद्र सरकार पिछले दरवाजे से बड़ पूंजीपतियो के हित में कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति का प्रस्ताव लाकर अपने कॉरपोरेट परस्ती का परिचय दिया है।

बिहार में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में हमने कृषि विपणन नीति जबरन भूमि अधिग्रहण और भूमि सर्वे के खिलाफ पटना में 24, 25 एवं 26 मार्च 2025 को किसान महापंचायत आयोजित करने का आह्वान किया है इसके माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विधानसभा में किसान विरोधी कृषि विपरण पर राष्ट्रीय नीति रूपरेखा को खारिज करने का प्रस्ताव पारित करने, जबरन कृषि अधिग्रहण पर रोक लगाने, भूमि सर्वे पर रोक लगाने और गारंटीकृत खरीद के साथ सीटू प्लस 50% की दर से एम.एस.पी., ऋण माफी सहित किसानों की अन्य मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया जाएगा। जिसमें पश्चिम चंपारण से सैकड़ों किसान भाग लेंगे। किसान महासभा के जिला नेता बिनोद यादव ने कहा कि बिहार में आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है लेकिन नीतिश सरकार किसानों और कृषि विकास के प्रति बेहद संवेदनहीन बनी है। धान खरीद में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है इसको लेकर किसान महासभा आंदोलन चलाएगा। किसान महासभा के जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि 2006 में ए.पी.एम.सी. अधिनियम को निरस्त करके कृषि बाजार प्रणाली का निजीकरण किया । जिसके वजह से बिहार के किसानों को धान, गेहूं और सब्जियां सहित सभी फसलों के लिए सबसे कम कीमत मिल रही है। किसान नेता हरेराम यादव ने कहा कि धान 2300 रूपये प्रति क्विंटल है लेकिन बाजार समितियों की अनुपस्थिति में बिहार में किसानों को केवल 18 सौ रुपया प्रति क्विंटल मिलता है जो राष्ट्रीय औसत से लगभग ₹500 कम है। संजय यादव ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख समिति पैक्स में व्यापक भ्रष्टाचार है और बटाईदार किसानों और छोटे किसानों को बिचौलिया द्वारा लूट जा रहा है नीतीश सरकार में बटाईदार किसानों को किसी भी योजना का कोई संरक्षण और लाभ नहीं है। किसान हर साल बाढ़ और सूखे की आपदा के कारण भयंकर त्रासदी का सामना कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना या राज्य सरकार की किसी बीमा योजना के तहत कोई फसल बीमा का यहां के किसानों को लाभ नहीं मिलता है। बैठक में किसान नेताओं धर्म नाथ कुशवाहा, सुजायत अंसारी, सत्यनारायण महत्तो,शेख मकबुल हसन, मंगल यादव, मंजूर अंसारी, शंभू महतो आदि मौजूद रहे।