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Post: पिस्टल रखने से चर्चा में आईएएस एस. सिद्धार्थ

पिस्टल रखने से चर्चा में आईएएस एस. सिद्धार्थ

विशेष ब्यूरो बिहार की रिपोर्ट : 

मुख्य सचिव और डीजीपी से अमीर निकले उनके मातहत काम करने वाले कई अफसर…

न्यूज़ डेस्क, राजधानी पटना

दिवाकर पाण्डेय

– अमिट लेख
पटना, (ए.एल.न्यूज़)। बिहार के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी चल अचस संपत्तियों का खुलासा किया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी अपनी संपत्तियों का खुलासा किया है। दिलचस्प बात यह है कि बिहार के डीजीपी विनय कुमार की तुलना में पटना के एसएसपी अवकाश कुमार अधिक संपत्ति के मालिक हैं। वहीं सीएम नीतीश के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ के पास पिस्टल है तो वहीं सचिव कुमार रवि पर 33 लाख रुपए का कर्ज है। दूसरी और डीजीपी के पास जहां मात्र रू. 45.33 लाख की संपत्ति है तो वहीं एसएसपी के पास रू. 2.22 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है। आइए जानते हैं बिहार के प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों के पास कितनी चल और अचल संपत्ति है। डीजीपी विनय कुमार की संपत्ति की बात करें तो डीजीपी के पास चल संपत्ति: रू. 45.33 लाख है। उनके पास नकदी एक रुपए भी नहीं है। डीजीपी के बैंक खाते में रू. 18 लाख जमा है। डीजीपी के पास एक आई-10 कार है। उनके पास अचल संपत्ति बिहटा में 3224 वर्गफुट का प्लॉट और अनीसाबाद पुलिस कॉलोनी में एक घर है। विरासत में डीजीपी को रू. 26 लाख की ज्वेलरी मिली है। उनके पास नोएडा में एक फ्लैट है जिसके लिए उन्होंने रू. 42 लाख का लोन लिया था। पटना के एसएसपी अवकाश कुमार की संपत्ति की बात करें तो उनके पास चल संपत्ति रू. 1.92 करोड़ तो अचल संपत्ति रू. 29.37 लाख रुपए है। बिहटा, पालीगंज में पत्नी के नाम पर और दानापुर में स्वयं के नाम पर जमीन है। एसएसपी के पास कुल संपत्ति रू. 2.22 करोड़ है। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा के पास चल संपत्ति रू. 79.78 लाख तो अचल संपत्ति रू. 2 करोड़ रुपए है। उनके पास 520 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी है। एसएसपी के पास नकदी रू. 60 हजार, जबकि उनकी पत्नी बर्फी मीणा के पास रू. 45 हजार नकदी है। एसएसपी के बैंक खाते में रू. 37 लाख जमा है। पत्नी के खाते में रू. 12.93 लाख रुपए जमा है। बांड व शेयर रू. 40 लाख है। जयपुर में करीब रू. 18 लाख की जमीन है। जयपुर और दिल्ली में अपार्टमेंट है। दिल्ली के केनरा बैंक से रू. 11 लाख का कर्ज भी मुख्य सचिव पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधानसचिव कुमार रवि के पास रू. 21.78 करोड़ चल संपत्ति है तो रू. 2.64 करोड़ अचल संपत्ति है। सीएम के प्रधान सचिव के ऊपर रू. 33 लाख का कर्ज भी है। सीएम नीतीश के प्रधान सचिव के पास रू. 79.51 लाख चल संपत्ति और रू.12.25 करोड़ अचल संपत्ति है। प्रधान सचिव के पास कुल संपत्ति रू. 12.55 करोड़ है। उनके बैंक खाते में रू. 34.79 लाख रुपए है। शेयर व बांड रू. 11 लाख है। एस सिद्धार्थ के पास रू. 4 लाख की ज्वेलरी है। यही नहीं एस सिद्धार्थ अपने पास एक पिस्टल भी रखते हैं। उनके पास कोई वाहन नहीं है। दिल्ली में रू. 25 लाख का फ्लैट, तेलंगाना में रू. 65 लाख का मकान और तमिलनाडु में रू. 1.35 करोड़ का फ्लैट है। एस सिद्धार्थ के ऊपर बैंक का रू. 90 लाख का लोन है। ग्रामीण कार्य विभाग के एसीएस दीपक कुमार सिंह के पास नकदी मात्र रू. 12 हजार है। उनके बैंक खातों में रू. 41 लाख जमा है। म्यूचुअल फंड में रू. 2.25 करोड़ है। बांड में रू. 17 लाख है। जीपीएफ में रू. 83 लाख जमा है। अचल संपत्ति की बात करें तो पटना में रू. 1.10 करोड़ का फ्लैट है। पत्नी हरजोत कौर के नाम पर पंजाब में रू. 1 करोड़ का फ्लैट है। ससुर का रू. 2 लाख का कर्ज है। विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत के पास नकदी रू. 15 हजार, पत्नी के पास: रू. 20,500 नकद है। बैंक खाता में रू. 14 लाख जमा है। पत्नी के नाम पर रू. 1 करोड़ से अधिक की राशि जमा है।वाहन- मारुति स्टीम कार। उनके ऊपर शिक्षा ऋण के तौर पर पीएनबी से रू. 79.76 लाख का शिक्षा ऋण लिया गया। जिसमें से रू. 58 लाख बकाया है। एडीजी कुंदन कृष्णन के पास नकदी रू. 40 हजार है। बैंक खातों में रू. 28 लाख जमा है। म्यूचुअल फंड में रू. 2.80 करोड़ (पत्नी के नाम सहित)। कोई वाहन नहीं, जबकि पत्नी के पास 2013 मॉडल की मारुति स्विफ्ट डिजायर है। एडीजी के पास 250 ग्राम सोना, रूबी, पुखराज और डायमंड है। पत्नी के पास 400 ग्राम सोना और रत्न है। नालंदा में रू. 1.47 करोड़ की कृषि भूमि है। पटना में लंगरटोली और राजेंद्र नगर में पैतृक घर है। गुरुग्राम में रू. 2.7 करोड़ का फ्लैट है। पत्नी के नाम पटना के मालसलामी में रू. 10 करोड़ की दो बीघा और 10 कट्ठा भूमि है। राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू के पास दो मारुति कार (अर्टिगा और ब्रेजा) है। बैंक में रू. 20 लाख जमा है। दिल्ली में बैंक लोन लेकर खरीदा गया फ्लैट देवेश सेहरा (एससी-एसटी और पंचायती राज विभाग के सचिव) के पास नकदी रू. 20 हजार है। बैंक खातों में रू. 72 हजार, गाजियाबाद में रू. 40 लाख का मकान, 50 ग्राम सोने की ज्वेलरी, पत्नी के पास 400 ग्राम सोना, हर माह लोन की रू. 28 हजार ईएमआई। के. सेंथिल कुमार (योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव) के बैंक खातों और ईपीएफ में: रू. 1.35 करोड़ जमा। बांड्स: रू. 25 हजार का निवेश। म्यूचुअल फंड्स- रू. 75 हजार का निवेश। शेयर: रू. 36.79 लाख का निवेश। पत्नी के नाम: रू. 4.16 लाख जमा। पत्नी के पास 480 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी। एक सिंगल बैरल रिवाल्वर नगर विकास व आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह के पास कोई निजी वाहन नहीं है। दिल्ली के वसंत कुंज में पत्नी के साथ संयुक्त रूप से एक फ्लैट है। पटना में एक फ्लैट है। दिल्ली और बुलंदशहर में पैतृक संपत्ति है। हाउसिंग लोन रू. 75 लाख और ज्वेलरी- 125 ग्राम सोना और ढाई लाख की डायमंड अंगूठी है।

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