



पटना से ब्यूरो रिपोर्ट :
अब सफाईकर्मियों को मिली बड़ी सौगा
न्यूज़ डेस्क, राजधानी खबर
दिवाकर पाण्डेय
– अमिट लेख
पटना(ए.एल. न्यूज)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सफाईकर्मियों को बड़ी सौगात दी है। सीएम नीतीश ने एक बार फिर सुबह सुबह ट्विट कर इसकी जानकारी दी है। सीएम ने बताया है कि उन्होंने ‘बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग’ के गठन के लिए विभाग को निर्देश दिया है। साथ ही सीएम ने यह भी बताया है कि इस आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष एवं पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक महिला/ट्रांसजेंडर होंगे।
सीएम नीतीश ने ट्विट कर लिखा कि, “मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि बिहार राज्य में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा, कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उत्थान, शिकायतों के निवारण तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मैंने बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन का विभाग को निर्देश दिया है। यह आयोग सफाई कर्मियों के हितों से संबंधित सुझाव, उनके अधिकारों की सुरक्षा के संबंध में सरकार को सुझाव देगा तथा सफाई कार्यों में लगे लोगों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उसे लागू करवाने हेतु समुचित कार्रवाई करेगा”।
उन्होंने आगे बताया कि, “बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष एवं पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक महिला/ट्रांसजेंडर होंगे। यह आयोग राज्य में सफाई कार्यों से जुड़े समाज के वंचित वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा”। इसका उद्देश्य सफाईकर्मियों के अधिकारों की रक्षा, कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उत्थान और शिकायतों के समाधान को सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह आयोग सफाई कार्यों से जुड़े लोगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा करेगा तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक सुझाव और कार्रवाई के निर्देश देगा। आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और पांच सदस्य होंगे। विशेष रूप से इसमें एक महिला या ट्रांसजेंडर सदस्य को भी शामिल किया जाएगा, ताकि प्रतिनिधित्व संतुलित और समावेशी हो।
सरकार का मानना है कि यह आयोग समाज के उस वंचित वर्ग को, जो वर्षों से सफाई कार्यों में संलग्न है, मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सामाजिक व आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार के इस फैसले को राज्य के सफाईकर्मियों के हित में एक सकारात्मक और दूरगामी पहल माना जा रहा है।