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Post: बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा गंडक बैराज छोड़ा गया 1.09 लाख क्यूसेक पानी

बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा गंडक बैराज छोड़ा गया 1.09 लाख क्यूसेक पानी

पटना ब्यूरो की रिपोर्ट :

कई जिलों में अलर्ट जारी

न्यूज़ डेस्क, राजधानी खबर 

दिवाकर पाण्डेय

– अमिट लेख

पटना(ए.एल.न्यूज)। बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से रविवार सुबह 10 बजे तक के अपडेट के अनुसार भारी जलप्रवाह दर्ज किया गया है। बैराज से उपरी जल प्रवाह (यू/एस एम.डब्लू.) करीब 1,09,500 क्यूसेक रहा, जबकि निचली ओर (D/S discharge) 86,000 क्यूसेक मापा गया। बैराज का ऊपरी जल स्तर 362.00 फीट और निचला जल स्तर 345.00 फीट रिकॉर्ड किया गया, जो जल स्तर में लगातार वृद्धि की ओर संकेत करता है। दरअसल, वर्तमान स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के जिलों बेतिया, गोपालगंज, सारण और छपरा में चेतावनी जारी की गई है। गंडक नहर प्रणाली के अंतर्गत आने वाली नहरों से छोड़े गए जल की मात्रा अभी उनकी डिज़ाइन क्षमता से कम है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रशासन जल स्तर को संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है। ईस्टर्न मेन कैनाल (एम.डब्लू.सी) से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि इसकी डिज़ाइन क्षमता 15,645 क्यूसेक है। वेस्टर्न मेन कैनाल (एम.डब्लू.सी) से 14,500 क्यूसेक जल प्रवाहित किया जा रहा है, जो 18,800 क्यूसेक की डिज़ाइन सीमा से कम है। सारण मुख्य नहर से 4,120 क्यूसेक पानी निकाला गया है जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 8,530 क्यूसेक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता बढ़ती है, तो डिस्चार्ज बढ़ाया जा सकता है। नेपाल के देवघाट क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, वहां से गंडक नदी में 1,22,349.15 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वर्तमान में जल स्तर 4.43 मीटर पर है, जो चेतावनी स्तर (7.3 मीटर) और खतरे के स्तर (9.0 मीटर) से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण इसकी निगरानी बेहद आवश्यक हो गई है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का सीधा असर बिहार के तटीय जिलों पर पड़ता है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संवेदनशील जिलों में सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सामान के साथ सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल संसाधन विभाग की टीमें गश्त कर रही हैं और जल स्तर की 24×7 निगरानी की जा रही है। जनता से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें, और केवल सरकारी विभागों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।

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