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Post: अनंत सिंह को सोनू-मोनू गोलीकांड में हाईकोर्ट से मिली जमानत

अनंत सिंह को सोनू-मोनू गोलीकांड में हाईकोर्ट से मिली जमानत

पटना ब्यूरो की रिपोर्ट :

मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक इस दिन आएंगे जेल से बाहर

न्यूज़ डेस्क, राजधानी खबर

दिवाकर पाण्डेय

– अमिट लेख

पटना(ए.एल.न्यूज)। मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना हाई कोर्ट से मंगलवार को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उन्हें बहुचर्चित सोनू-मोनू गोलीकांड मामले में जमानत दे दी है। पटना हाईकोर्ट में जस्टिस चंद्रशेखर झा ने मामले की सुनवाई की।अनंत सिंह जनवरी 2025 से जेल में बंद थे। उन्हें पंचमहला थाना कांड संख्या 05/2025 के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह मामला कई मामलों में वांछित रहे सोनू-मोनू पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसे लेकर बिहार की राजनीति में हलचल मच गई थी। इससे पहले, इस केस में आरोपी सोनू को भी जमानत मिल चुकी है, जिसके बाद उसे भागलपुर जेल से रिहा कर दिया गया था। अब अनंत सिंह को भी जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उनके समर्थकों में खुशी की लहर है और राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम की जोरदार चर्चा हो रही है। यह मामला 22 जनवरी,2025 क है। सोनू और मोनू ने मुकेश सिंह के घर में ताला लगा दिया था। मुकेश उनके ईंट भट्टे में मुंशी का काम करता था। दोनो ने उस पर कथित तौर पर 68 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया था। मुकेश ने अनंत सिंह से मदद मांगी। साथ ही पंचमहला थाना में सोनू-मोनू के खिलाफ रिपोर्ट कराया । इसके बाद अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ जलालपुर पहुंचे। सोनू मोनू से बात करने नौरंगा गांव पहुँचे । उस दौरान दोनों पक्षों के जमकर गोलिबारी हुई। सत्तर राउंड फायरिंग हुई। 23 जनवरी, 2025 को मुकेश के घर पर दुबारा गोलीबारी हुई। इसके पुलिस ने मोनू को गिरफ्तार कर भागलपुर जेल भेज दिया। गोलीबारी का एक वीडियो वायरल हुआ। उस आधार पर पूर्व विधायक अनंत सिंह पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ। इसके बाद पूर्व विधायक अनंत सिंह ने पटना हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाया।आज उन्हें कोर्ट ने जमानत दे कर बड़ी राहत दी । अनंत सिंह का मोकामा की राजनीति में दबदबा रहा है। वे वर्ष 2005 से लगातार मोकामा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2022 में उनके अयोग्य ठहराए जाने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी उपचुनाव में विजयी होकर विधायक बनीं। अनंत सिंह को ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है और उनके समर्थकों की एक बड़ी फौज है। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह को मिली यह राहत उनके लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि उनके बाहर आने से क्षेत्रीय राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।

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