बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
आखिर कब तक मौत का सौदा करते रहेंगे मौत के सौदागर
एक जांच घर के रिपोर्ट पर चिकित्सक ने चढ़ाया अपना ही ब्लड जिससे मरीज की बढी बेचैनी
न्यूज़ डेस्क, जिला पश्चिम चंपारण
मोहन सिंह
– अमिट लेख
बेतिया, (ए.एल.न्यूज़)। बैरिया थाना क्षेत्र के मलाही बलुआ पंचायत के बलुआ चौक पर अवैध रूप से संचालित हो रहे लाइफ ग्रीन अस्पताल में रविवार के अहले सुबह एक महिला की मौत हो गई, जिसको लेकर परिजनों जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया।

मृत महिला बगहा पुलिस जिला के पटखौली गांव निवासी वीरेंद्र प्रसाद की पत्नी अंजनी कुमारी बताई जा रही है। जो प्रसव कराने के लिए बलुआ चौक स्थित लाइफ ग्रीन अस्पताल में लाई गई थी ।जहां पर तथाकथित डॉ उमेश गुप्ता के द्वारा अंजनी कुमारी का ऑपरेशन कर जुड़वा बच्चा निकाल तो दिया गया लेकिन महिला की स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने अपनी निजी जांच घर की रिपोर्ट पर अपना ही ब्लड निकल कर 1 यूनिट ब्लड चढ़ा दिया । जिससे महिला की स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ने लगी और मरीज को बेचैनी होने लगी। जानकारों की माने तो एक यूनिट ब्लड चढ़ाने में कम से कम 4 से 5 घंटा लगता है लेकिन इन्होंने तो आनन-फानन में ब्लड चढ़ा दिया, जिससे मरीज की बेचैनी होने लगी और स्थिति को गंभीर होते देख, बात बिगड़ने पर डॉक्टर के द्वारा बेतिया के एक निजी अस्पताल में उक्त मरीज का इलाज कराया जाने लगा, जहां इलाजरत उक्त मरीज की मौत हो गई। अंजनी की मौत होते ही परिजनों मैं कोहराम मच गया। परिजनों द्वारा बलुआ स्थित लाइफ़ ग्रीन हॉस्पिटल के समक्ष शव रखकर हंगामा किया जाने लगा।

मौके पर पहुंची बैरिया पुलिस ने मामले को शांत कराया। लेकिन स्थानीय प्रतिनिधियों के द्वारा मामले को सुलझा दिया गया तथा परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। वहीं थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने से परिजनों के द्वारा इनकार किया जा रहा है यदि आवेदन दे रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांचों उपरांत रिपोर्ट आने पर इन पर शख्स कार्रवाई की जाएगी। मामला चाहे जो भी हो समाजसेवी बुद्धिजीवों ने यह मांग किया है कि कब तक मौत के सौदागर मौत का सौदा करते रहेंगे । इसका कब जांच होगा प्रखंड से लेकर मुख्यालय तक लगातार करीब दर्जनों मरीज ऑपरेशन के दौरान मार रहे हैं। मौत के सौदागर निरंतर मौत के सौदा कर रहे हैं फिर भी प्रशासन मुख्य दर्शन बना हुआ है।








