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ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा दर्द, प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज से जिला ब्यूरो की रिपोर्ट :

18 वर्षों से सेवा दे रहे ग्राम रोजगार सेवक

मानदेय भुगतान, नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा की मांग, समस्याएं नहीं सुलझीं तो आंदोलन की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

महराजगंज, (तैयब अली चिश्ती)। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले जिले के ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर शासन का ध्यान आकृष्ट किया है।

फोटो : चिश्ती

जिला अध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों ने राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सेवा स्थायित्व, मानदेय, नियमितीकरण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले लगभग 18 वर्षों से ग्रामीण स्तर पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेषकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव-गांव में मजदूरों का पंजीकरण, कार्य आवंटन, भुगतान प्रक्रिया, मास्टर रोल तैयार करना और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाई जा रही हैं, बावजूद इसके उनकी स्थिति आज भी अस्थायी कर्मचारियों जैसी बनी हुई है। मानदेय को लेकर गंभीर आरोप संघ ने आरोप लगाया कि जिले के कई ब्लॉकों में ग्राम रोजगार सेवकों का छह माह या उससे अधिक का मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने और भविष्य में समयबद्ध भुगतान की स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।अतिरिक्त कार्य, लेकिन मानदेय नहीं ग्राम रोजगार सेवकों ने बताया कि वर्तमान में सरकार की “VB G RAM G” योजना के अंतर्गत उनसे अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा। संघ ने मांग की है कि अतिरिक्त कार्यभार के लिए कम से कम 35 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया जाए तथा इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था हो।नियमितीकरण और हाईकोर्ट आदेश का हवाला ज्ञापन में 18 वर्ष या उससे अधिक सेवा दे चुके ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित / सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की गई। संघ ने माननीय उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि मृतक ग्राम रोजगार सेवकों के आश्रितों को उसी पद पर समायोजित करने के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन कराया जाए। डिजिटल काम के लिए संसाधन की मांग। संघ ने मुख्यमंत्री द्वारा 04 अक्टूबर 2021 को ग्राम रोजगार सेवकों के लिए एचआर पॉलिसी और सेवा शर्तों में सुधार की घोषणा अब तक लागू न होने पर नाराजगी जताई। साथ ही डिजिटल मास्टर रोल और डिजिटल उपस्थिति के लिए प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को उच्च गुणवत्ता का मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की गई। आंदोलन की चेतावनी संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर विकास की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम रोजगार सेवकों की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ ठोस निर्णय लिया जाए। उपस्थित प्रमुख लोग इस दौरान धर्मेंद्र पासवान, राजेश वर्मा, राजेश तिवारी, मनोज कुमार गौतम, सुशील कुमार, गंगोत्री देवी, अमरनाथ, रीता गुप्ता, चिन्नू प्रसाद, इन्द्रविजय, रमेश, जितेन्द्र, अयोध्या, ओमप्रकाश आर्य, रमेश सिंह, अरविन्द, असगर अली, संगीता, प्रमोद राय, राकेश, रैना, जितेन्द्र कुमार, प्रेमलाल, प्रियंका पटेल, इन्द्रमणि विश्वकर्मा, अम्बिका प्रसाद, संतोष गुप्ता, सर्वेश सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।

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