पटना से हमारे विशेष संवाददाता की रिपोर्ट :
खाकी की जवाबी कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप
वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेस कुमार मिश्रा खुद अस्पताल पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
पटना, (दिवाकर पाण्डेय)। बिहार की सरज़मीं पर उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस और अपराधियों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ में गोलियां तड़तड़ाईं। मुजफ्फरपुर के बेला थाने में तैनात एएसआई विकास कुमार सिंह एटीएम फ्रॉड गिरोह के एक शातिर बदमाश का पीछा कर रहे थे। तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने कानून के रखवालों पर सीधा हमला बोल दिया। वारदात बेला चौक से पीएनटी जाने वाली सड़क पर स्थित साई मंदिर के पास हुई, जहां अचानक अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दुस्साहसी हमले में एएसआई विकास कुमार सिंह को गोली लग गई और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। मगर पुलिस ने भी हिम्मत नहीं हारी। घायल साथी को संभालते हुए जवानों ने बदमाशों का पीछा जारी रखा। बताया जाता है कि भाग रहे आरोपी को पुलिस ने दौड़ा कर घेर लिया। इसके बाद हुई मुठभेड़ में जवाबी फायरिंग के दौरान एक बदमाश गोली लगने से जख्मी हो गया। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल एएसआई को आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेस कुमार मिश्रा खुद अस्पताल पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एटीएम फ्रॉड गिरोह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। अब इस मुठभेड़ के बाद पूरे नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है। शहर में नाकेबंदी कर संदिग्धों की धरपकड़ जारी है। मुज़फ्फरपुर की फिज़ा में गोलियों की गूंज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जुर्म का अंजाम या तो सलाखें हैं या फिर अस्पताल का बिस्तर।








