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Post: “समकालीन साहित्य और अनिरुद्ध प्रसाद विमल” नामक पुस्तक का हुआ लोकार्पण

“समकालीन साहित्य और अनिरुद्ध प्रसाद विमल” नामक पुस्तक का हुआ लोकार्पण

बांका से हमारे उप-संपादक की कलम :

साहित्यकारों ने हिन्दी और अंगिका के वरिष्ठ साहित्यकार अनिरुद्ध प्रसाद विमल के कृतित्व पर आधारित पुस्तक का किया लोकार्पण

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बांका, (अनूप कुमार)। जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत मिर्जापुर, चंगेरी गाँव में गुरुवार को अखिल भारतीय अंगिका महासभा की ओर से आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में डॉ. राधेश्याम चौधरी द्वारा संपादित कृति “समकालीन साहित्य और अनिरुद्ध प्रसाद विमल” का लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर गोड्डा, झारखंड से चर्चित साहित्यकार डॉ प्रदीप प्रभात सहित पुस्तक के संपादक डॉ राधेश्याम चौधरी, कुमार संभव, पंकज कुमार एवं स्वयं वरिष्ठ साहित्यकार अनिरुद्ध प्रसाद विमल उपस्थित थे। लोकार्पण सभी साहित्यकारों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अनिरुद्ध प्रसाद विमल ने भावविभोर होकर कहा “यह सुखद है कि मेरे कृतित्व और व्यक्तित्व पर यह10वीं पुस्तक का लोकार्पण हो रहा है। किसी भी रचनाकार के जीवन का यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सुनहला अवसर है। “डॉ. प्रदीप प्रभात ने कहा” विमल जी की भूमिका मेरे जीवन में एक आदर्श अध्यापक और साहित्यकार की रही है। इनके साहित्य में जिस तरह समकालीनता चित्रित हुई है, वह उल्लेखनीय है। युवा साहित्यकार कुमार संभव ने कहा”समकालीनता अनिरुद्ध प्रसाद विमल के साहित्य का प्रमुख विषय रहा है। मानवीय मूल्यों को समर्पित इनका साहित्य हमेशा ध्यान आकृष्ट करता है। डॉ. राधेश्याम चौधरी ने कहा कि”गुरदेव अनिरुद्ध प्रसाद विमल के समकालीन साहित्य पर कार्य संपन्न कर मैं प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ।” इस मौके पर साहित्यकारों के अलावे दर्जनों संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक पंकज कुमार ने किया।

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