बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। बेतिया में पुलिस और ग्रामीणों के बीच उसे समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। ग्रामीणों ने पुलिस पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए पथराव शुरू कर दिया। दोनों ओर से भिड़ंत में एक महिला बुरी तरह घायल हो गयी है।जिसका इलाज जीएमएमसीएच में चल रहा है। घटना स्थल पर पुलिस के बैरिया पदाधिकारी के पहुंचने और काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। मिली जानकारी के अनुसार मामला कुमारबाग थाना क्षेत्र के महुआवा गांव का है। बानूछापर थाना पुलिस एक युवक को गिरफ्तार करने पहुंची थी।।ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और हालात ऐसे बन गए कि पुलिसकर्मियों को अपनी गाड़ी वहीं, छोड़कर किसी तरह मौके से भागना पड़ा।निकलना। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस वाहन के शीशे को तोड़ दिए और करीब तीन घंटे तक घेरकर रखा। जब दूसरी पुलिस गाड़ी मौके पर पहुंची तो उसे भी लोगों ने घेर लिया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस को गांव में तैनात कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि पुलिस भीखम महतो के पुत्र संजय कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा रही थी। इसी दौरान संजय की मां पानमती कुंवर, परिजन और ग्रामीण विरोध करते हुए पुलिस वाहन के सामने आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बेटे को बचाने के लिए जब संजय की मां पानमती कुंवर पुलिस गाड़ी के सामने आईं तो धक्का लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को कुछ समय तक पुलिस वाहन में ही रखा गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने पुलिस गाड़ी को घेरकर बंधक बना लिया। संजय प्रसाद कुशवाहा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है और कहा है कि पुलिस वालों ने उसे पकड़ कर घूमाती रही और खूब मारपीट भी की। उसने बताया कि मैं घर में काम कर रहा था। इसी दौरान बानुछापर थाना की कुछ पुलिस जबरदस्ती घर में घुस गई। चार पुलिस वाले मिलकर मुझे पकड़ लिए और गाड़ी में बैठा लिए। जब मेरी पत्नी और बच्चों ने इसका विरोध किया और गिरफ्तारी के लिए प्रूफ मांगा तो पुलिस वालों ने कहा कि ‘कोई प्रूफ नहीं है, पहले थाना चलो।
नोट : प्रस्तुत तस्वीर प्रसंगवश प्रयोग किया गया है जिसका इस घटना से कोई सम्बन्ध नहीं है…?








