AMIT LEKH

Post: बैरिया एवं बगहा प्रखंडों में संचालित पायलट कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ

बैरिया एवं बगहा प्रखंडों में संचालित पायलट कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

बच्चों का पूर्ण टीकाकरण स्वस्थ समाज एवं सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक 

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी

ज़ीरो डोज बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज एवं सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के सहयोग से Community of Practice – Demand (CoP-D) के अंतर्गत पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया एवं बगहा प्रखंडों में संचालित पायलट कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ दिनांक 20 मई 2026 को आयोजित किया गया।

फोटो : मोहन सिंह

इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज़ीरो डोज एवं टीकाकरण से वंचित बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करना, समुदाय में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा परिवारों को नियमित टीकाकरण के महत्व के प्रति प्रेरित करना है। यह पहल स्वास्थ्य विभाग, ICDS, जीविका, शिक्षा विभाग तथा पंचायती राज संस्थाओं के अभिसरण (Convergence) मॉडल पर आधारित है।

छाया : अमिट लेख

कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम स्तर पर फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) एवं VHSNC समितियों को सशक्त बनाकर समुदाय में टीकाकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक पहुँच बनाना है जो टीकाकरण के महत्व से अनभिज्ञ हैं अथवा किसी कारणवश अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं करा पा रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विजय कुमार (सिविल सर्जन), बेतिया द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (DIO), DPO-ICDS Kavita Rani, ACMO Dr Ramesh Chandra, DPM Jeevika R K Nikhil व उपरोक्त विभागों के प्रखंड स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में CoP-D टीम की ओर से ज्योति सिंह, मनोज कुमार सिंह, उमेश तिवारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं फील्ड कोऑर्डिनेटर सहित अन्य टीम सदस्यों की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही तथा कार्यक्रम में उपयोग किए जाने वाले टूल्स पर चर्चा की गई, जो काफी प्रभावशाली रहा तथा इसकी अधिकारियों ने बहुत प्रशंसा की। डॉ. विजय कुमार (सिविल सर्जन), बेतिया ने कहा कि CoP-D कार्यक्रम की संरचना बहुत अच्छी है तथा इसके टूल्स अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने CoP-D के अधिकारियों से अपील की कि इस कार्यक्रम को बगहा एवं बैरिया के साथ-साथ पूरे जिले में संचालित किया जाए। साथ ही अन्य विभागों के पदाधिकारियों ने पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को पायलट कार्यक्रम के उद्देश्य, रणनीतियों एवं समुदाय-आधारित गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि बैरिया एवं बगहा-1 प्रखंडों में ग्राम स्तर पर विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयास से टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत साझा लक्ष्यों (Shared Goals) का निर्धारण कर ज़ीरो डोज एवं आंशिक रूप से टीकाकृत बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करने हेतु रणनीतिक एवं समन्वित प्रयास किए जाएंगे। टीकाकरण स्थलों पर देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करते हुए लाभार्थियों एवं उनके अभिभावकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। फ्रंटलाइन वर्कर्स को संदर्भानुकूल (Contextual) संचार उपकरणों एवं संसाधनों से सशक्त किया जाएगा, ताकि उनकी अंतरवैयक्तिक संचार क्षमता (Interpersonal Communication Skills) को मजबूत किया जा सके और समुदाय में टीकाकरण के प्रति सतत मांग उत्पन्न हो। इसके अतिरिक्त, कक्षा 5 से 8 तक के विद्यालयी बच्चों के साथ भी सहभागिता की योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य परिवारों में टीकाकरण को लेकर संवाद को बढ़ावा देना तथा प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को टीकाकरण के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का पूर्ण टीकाकरण स्वस्थ समाज एवं सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। समुदाय के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ज़ीरो डोज बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज एवं सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभिसरण आधारित मॉडल से समुदाय में विश्वास निर्माण होगा तथा लोगों की सहभागिता भी बढ़ेगी। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदियाँ एवं पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से टीकाकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। VHSNC समितियों को मजबूत कर समुदाय स्तर पर नियमित निगरानी एवं संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे तथा अभिभावकों के बीच टीकाकरण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। CoP-D के इस पायलट हस्तक्षेप के माध्यम से समुदाय में टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों एवं झिझक को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही माता-पिता एवं परिवारों को यह समझाने पर विशेष जोर दिया जाएगा कि बच्चों का समय पर टीकाकरण उन्हें गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों के अधिकारियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को सफल बनाने एवं जिले में टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह पायलट हस्तक्षेप भविष्य में एक स्थायी एवं विस्तार योग्य मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे संवेदनशील एवं वंचित समुदायों तक टीकाकरण सेवाओं की बेहतर पहुँच सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Recent Post