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Post: अतिक्रमण के चलते 30 से 40 फ़ीट से सिकुड़कर 10 से 12 फिट बने मुख्य नाले से जल निकासी बाधित : गरिमा

अतिक्रमण के चलते 30 से 40 फ़ीट से सिकुड़कर 10 से 12 फिट बने मुख्य नाले से जल निकासी बाधित : गरिमा

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा : 

नगर निगम क्षेत्र मुख्य नालो की जारी निगम प्रशासन की सरकारी पैमाइश से खुलने लगी है अतिक्रमण की परत

स्टॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के विस्तार की योजना के तहत “बुडको” के अनुरोध पर नगर निगम प्रशासन द्वारा की गई मुख्य नालों क पैमाईश की शुरुआत

वर्तमान और बाद की पीढ़ी के सुविधाजनक स्वस्थ जन जीवन के लिए महापौर ने शहरी जनता से मांगा विकास योजनाओं को सही से लागू करने में जनता का सहयोग

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़

– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में मुख्य नाला और नालियों के अतिक्रमण के कारण शहर की जल निकासी व्यवस्था गंभीर संकट की ओर बढ़ती दिख रही है।

फोटो : मोहन सिंह

महापौर ने बताया कि बुडको प्रशासन के अनुरोध पर नगर निगम क्षेत्र के सघन शहरी क्षेत्र में मुख्य नालों की सरकारी पैमाइश शुरू की गई है। ताकि करोड़ों की खर्च से स्वीकृत स्टॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के विस्तार की योजना को आपेक्षित गति मिल सके। महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि जारी पैमाईश और मुख्य नाले की मैनुअल सफाई कार्य का निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन प्रमुख नालों की मूल चौड़ाई लगभग 30 से 40 फीट निर्धारित थी, वे वर्तमान में कई स्थानों पर घटकर मात्र 12 से 15 फीट तक सिमट गए हैं।

छाया : अमिट लेख

निरीक्षण के दौरान महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने इसे शहरी क्षेत्र की सुचारू जल निकासी के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या केवल सफाई व्यवस्था से जुड़ी नहीं है, बल्कि नालों की सरकारी भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया है। सरकारी पैमाइश में यह भी उजागर हुआ कि कई स्थानों पर नालों की जमीन पर पक्का निर्माण कार्य करा लिया गया है तथा कुछ हिस्सों में सड़कें तक बना ली गई हैं, जिससे नालों का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि शहर को जलजमाव मुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनसहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से स्वयं आगे आकर नालों की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर हित और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर शहरी भविष्य के लिए नागरिकों को जिम्मेदारी का परिचय देना होगा। निरीक्षण के बाद नगर निगम स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी भी तेज कर दी गई है।

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