बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :
पांच साइबर ठग गिरफ्तार
न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़
– अमिट लेख
बेतिया, (मोहन सिंह)। पश्चिम चंपारण जिले में बगहा साइबर पुलिस ने गुरुवार को एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया। लौकरिया थाना क्षेत्र के हरनाटाड़ और रामपुर इलाकों में छापेमारी कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी DSJ Exchange नामक ऐप के माध्यम से लोगों को 54 दिनों में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर निवेश कराने का काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस ठगी का शिकार करीब 500 से 600 लोग हो सकते हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि गिरोह व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों के जरिए लिंक साझा कर लोगों को Bonchat, Binance, Blofin और Tronlink Pro जैसे ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करता था। निवेशकों से न्यूनतम 30,000 रुपये नकद या यूपीआई के माध्यम से निवेश कराने को कहा जाता था। आरोप है कि आरोपी प्लेटफॉर्म पर नकली क्रिप्टोकरेंसी बैलेंस दिखाते थे और Bonchat ऐप के जरिए कोडित संदेश भेजकर वैध ट्रेडिंग गतिविधियों का भ्रम पैदा करते थे। निवेशकों को असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का लालच दिया जाता था और दावा किया जाता था कि उनका पैसा दो महीने से भी कम समय में दोगुना हो जाएगा। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह मल्टी-लेवल रेफरल नेटवर्क के जरिए काम करता था, जिसमें नए निवेशक जोड़ने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। सीधे बैंक खातों में भुगतान करने के बजाय, पुराने निवेशकों को नए निवेशकों से प्राप्त धन के जरिए भुगतान किया जाता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मॉडल पोंजी स्कीम जैसा है। गिरोह पर तिरंगा और BDG जैसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों को शुरुआती जीत दिलाने और बाद में बड़े निवेश के लिए प्रेरित करने का भी आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भृगुनाथ दीक्षित (45), राजेश कुमार (26), पप्पू कुमार (38), राजू गुप्ता उर्फ अमरेंद्र कुमार साह (32) और श्याम सुंदर चौधरी (44) के रूप में हुई है। सभी आरोपी लौकरिया थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, एक डायरी और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं, जिन्हें ठगी से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। इस मामले में बगहा साइबर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और ऑनलाइन गेमिंग विनियमन अधिनियम, 2025 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इसी नेटवर्क से जुड़ा एक समान धोखाधड़ी का मामला पहले सूरत (गुजरात) साइबर पुलिस स्टेशन में भी दर्ज किया गया था। बगहा के पुलिस अधीक्षक रमानंद कौशल ने कहा, “जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन और रेफरल आधारित निवेश योजनाओं का उपयोग कर धन के प्रवाह को छिपाने का प्रयास कर रहे थे। हम डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लाभार्थियों की पहचान की जा सके। लोगों को किसी भी ऑनलाइन निवेश मंच पर पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य करनी चाहिए।” पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन ट्रेडिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करते समय सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर अपराध इकाई को देने की अपील की है।








