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टी.बी. मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए नियमित दवा एवं पौष्टिक आहार जरूरी : जिला पदाधिकारी

बेतिया से उप-संपादक का चश्मा :

नियमित दवा, पौष्टिक आहार और फॉलोअप से टी.बी. को देंगे मात

जिले में 183 टी.बी. मरीजों के बीच वितरित की गई पोषण पोटली

जिला पदाधिकारी ने 14 टी.बी. मरीजों को दी पोषण पोटली

न्यूज़ डेस्क, ए.एल.न्यूज़ 

–  अमिट लेख

बेतिया, (मोहन सिंह)। टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टी.बी. मरीजों को बेहतर उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा एवं नरकटियागंज, जिला यक्ष्मा केन्द्र, बेतिया सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में कुल 183 टी.बी. मरीजों के बीच पोषण पोटली’का वितरण किया गया।

फोटो : मोहन सिंह

इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र, मझौलिया में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने भाग लिया। उन्होंने 14 टी.बी. मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने टी.बी. मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार एवं स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने मरीजों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का नियमित रूप से सेवन करने तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पूरा उपचार कराने की सलाह दी।

छाया : अमिट लेख

उन्होंने कहा कि टी.बी. एक उपचार योग्य बीमारी है। नियमित दवा, पौष्टिक आहार और चिकित्सकीय निगरानी से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। जिला पदाधिकारी ने कहा कि टी.बी. मरीजों के उपचार में दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मरीजों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीनयुक्त भोजन का सेवन करना चाहिए। जो मरीज अंडा नहीं खाते हैं, वे सोयाबीन, दाल एवं अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। उन्होंने मरीजों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि टी.बी. से बचाव एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए मरीज के परिवार के अन्य सदस्यों की भी आवश्यक रूप से जांच कराई जाए। परिवार के सदस्यों को मास्क का उपयोग करने, खांसते-छींकते समय सावधानी बरतने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए अन्य सुरक्षात्मक उपायों का पालन करने की सलाह दी जाए। जिला पदाधिकारी ने एमओआईसी को निर्देश दिया कि टी.बी. मरीजों का नियमित एवं प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करें। मरीजों द्वारा दवा का नियमित सेवन किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी लगातार निगरानी की जाए तथा उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि टी.बी. मरीजों को पोषण पोटली के साथ-साथ उपचार एवं पोषण संबंधी आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जाए तथा टी.बी. मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. की पहचान, समय पर उपचार और नियमित दवा सेवन के साथ जन-जागरूकता के माध्यम से जिले को टी.बी. मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, काजले वैभव नितिन, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, सुजीत कुमार, एसीएमओ डॉ. रमेश चन्द्रा, एपिडेमियोलोजिस्ट डॉ. आरस मुन्ना सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।

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